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  • आभासी दुनियाँ  और युवा

    आभासी दुनियाँ और युवा

    बदलते दौर में सबसे क्रांतिकारी परिवर्तन जो हुआ है वो है सोशल मिडिया में हर उम्र के लोगों की दिलचस्पी ।आज हर आदमी अपने पसन्द अनुसार व्हाटसप ,फेसबुक ,ट्वीटर पर किसी न किसी से जुडा़ है...

  • हास्य गलतफहमियाँ

    हास्य गलतफहमियाँ

    बदल गये चेहरे लोगों के बढ़ती गई गलतफहमियाँ लड़के की चाल मतवाली कानों में पहने बालियाँ लडकियों ने लगाई बुलेट पर धाक बन रही है नई बातें शक्लें धोखा खा जायेगी नजरिये से न पहचान पायेंगे...

  • ऐ जिन्दगी बता

    ऐ जिन्दगी बता

    रेत पर लिखी इबारतों जैसी तेरी बातें उड़ जाती है हल्की सी हवा के ऐ जिन्दगी बता तेरा वजूद क्या है । कागज़ पर स्याही से रची कविता सी तू मिट जाती है वक्त के साथ...

  • अनकहा भय

    अनकहा भय

    “हा हा अब वक्त है मेरा , बदला लूंगी देखना ।कैसे मुझे अधजली हालत में नाली में फैंक देते थे ।” सिगरेट मनुष्य पर हावी थी आज । “ओह छोड़ दो ,छोड़ दो मुझे ,जल रहा...


  • दर्द दे गया

    दर्द दे गया

    दर्द दे गया जिन्दगी में वो इस कदर अब तो बस इस दिल में वीरानगी रह गई। तेरी बेवफाई के गम के इतने सताये हुये है कि सारी खुशियाँ धरी की धरी रह गई। बेबस किया...

  • विकलांग मानसिकता

    विकलांग मानसिकता

    ” पैदा हुआ तब कितना रोये थे तुम इसकी विकलांगता को देख कर …” मां आज बहुत कुछ कहना चाहती थी पर रूक गई। ” हाँ शायद तुम ठीक ही कहती थी शारीरिक विकलांगता की कमी...

  • एहसास  जुड़े

    एहसास जुड़े

    आज नये कुछ अहसास मन के किसी कोने में खुद के होने का अहसास खोया हुआ था कहीं आज हुआ ये अहसास कि खुद को होना ये अहसास कि मैं जी लूं कुछ पल अपने लिए...

  • ये चालिस का दौर है

    ये चालिस का दौर है

    उम्र हम पर हावी नहीं हो सकती क्योंकि ये चालिस का दौर है बालों की हल्की सफैदी छिपा लेगें कानों के पीछे ही हर शौक को जिन्दा रखेंगे हर मात को दगा देगें जिन्दगी की शतरंज...