गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

तो क्या हुआ कि अब न तेरे खास रहे हैं किसी वक्त तेरी आँखों की हम प्यास रहे हैं ========================== इक बार जो गुनाह-ए-इशक हो गया हमसे सारी उम्र ही फिर तो बद – हवास रहे हैं ========================== तेरी हँसी से खिल उठे सीने में गुल कभी तेरे अबरू की शिकन से हम उदास रहे […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

रंग रूखसार का तेरे उड़ा-उड़ा क्यों है, मेरे महबूब तू इतना डरा-डरा क्यों है, ========================== ऐसा लगता है कि छूते ही छलक जाएगा, दिल का पैमाना लबालब भरा-भरा क्यों है, ========================== अगर खोली ही नहीं तूने कभी दिल की किताब, कोई-कोई वर्क फिर इसका मुड़ा-मुड़ा क्यों है, ========================== नहीं है वास्ता तुझसे मेरा अगर कोई, […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

बिछड़ के तुझसे मुझे ये शहर अच्छा नहीं लगता, कहां सजदा करूँ कोई भी दर अच्छा नहीं लगता, ============================= मैं जिसके नाम से बदनाम दुनिया भर में हूँ यारो, उसे ही आज-कल मेरा ज़िकर अच्छा नहीं लगता, ============================= जिसे राहों में मैं आँसू बहाता छोड़ आया हूँ, बिना उस हमसफर के ये सफर अच्छा नहीं […]

इतिहास

गज़ल

छोटा सा इक आशियां चाहते हैं ज़रूरत से ज्यादा कहां चाहते हैं ====================== खिज़ाओं का मौसम रहे दूर जिससे उम्मीदों का वो गुलसितां चाहते हैं ====================== हक का ही लेंगे हो ज्यादा या थोड़ा न सर पे कोई एहसां चाहते हैं ====================== वफाओं का अपनी अहद मुझे देकर वो लेना मेरा इम्तिहां चाहते हैं ====================== […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

तेरा चेहरा इन आँखों से भुलाया भी नहीं जाता, मुझसे खेला है तू ऐसे बताया भी नहीं जाता, ============================= सफाई हाथ की मशहूर है अपनी ज़माने में, सिवाय दिल के हमसे कुछ चुराया भी नहीं जाता, ============================= अपनी दास्तान ए दिल सुनाएं भी किसी को क्या, छुपाएं कैसे दिल में गम छुपाया भी नहीं जाता, […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

ए खुशी तुझे ता – उम्र तलाशा है बहुत नहीं नसीब में तू पर तुझे चाहा है बहुत ============================== ये मिट्टी यूँ ही नहीं नम है इस वीराने की सालों पहले यहां शायद कोई रोया है बहुत ============================== चलूँ किस सिम्त कोई राह नज़र नहीं आती चिराग दिल का जलाओ कि अँधेरा है बहुत ============================== […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

मेरे जिस्म में तू बन के जान रहता है मिलूँ किसी से भी तेरा ध्यान रहता है ========================== मेरे वजूद में शामिल है इस तरह से तू दरिया के सीने में जैसे तूफान रहता है ========================== जानता हूँ कि तू कभी नहीं आने वाला तू लौट आएगा फिर भी गुमान रहता है ========================== यकीन इतना […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

हो जाता जो मुझे तेरा दीदार थोड़ा-सा आ जाता मेरे दिल को भी करार थोड़ा-सा ========================== लज़्ज़त-ए-इश्क और बढ़ाने के लिए था इंकार थोड़ा-सा कभी इकरार थोड़ा-सा ========================== लगता है वक्त दुआओं को कुबूल होने में कर सके न तुम ही इंतज़ार थोड़ा-सा ========================== हसरत ये मेरी आखिर हसरत ही रह गई होता तू भी […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

दर्द तेरे दिल में जगा सकता हूँ पर रहने दे, तुझको दीवाना बना सकता हूँ पर रहने दे, ============================ नामुमकिन नहीं है कुछ भी दीवानों के लिए, साबित करके दिखा सकता हूँ पर रहने दे, ============================ अपनी गज़लों में सरेआम लेकर नाम तेरा, सारी महफिल को जला सकता हूँ पर रहने दे, ============================ ये जो […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

किसी की याद में ये अश्क बहाया न करें हैं बड़े कीमती गौहर, इन्हें ज़ाया न करें ========================== लोग दिल की लगी को दिल्लगी समझते हैं हाल-ए-दिल यूँ हर किसी को सुनाया न करें ========================== चाँद को छूने का हक होता नहीं है सबको हर एक अजनबी से हाथ मिलाया न करें ========================== नेकियां खत्म […]