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  • गज़ल

    गज़ल

    हरदम करता रहा सफर मैं बना न पाया कहीं भी घर मैं ================== लोगों ने आवाज़ बहुत दी लेकिन ठहरा नहीं किधर मैं ================== छोड़ गया जब तू ही मुझको क्या करता तनहा जीकर मैं ==================...

  • गज़ल

    गज़ल

    दो दिन सुकून से जीना मुहाल करते हैं ये दुनिया वाले भी कितने सवाल करते हैं न रह सकेंगे खुश वो लोग किसी कीमत पर जो दूसरे की खुशी पर मलाल करते हैं हम बेकार हैं...

  • गज़ल

    गज़ल

    यूँ तो सब अपने यहां थे कोई बेगाना नहीं दौर-ए-गर्दिश में किसी ने मुझको पहचाना नहीं थी खबर हमको बहुत दुश्वारियां हैं राहों में लाख समझाया मगर दिल ने कहा माना नहीं सुन रहे हो जिसको...

  • गज़ल

    गज़ल

    बदला-बदला सा नज़ारा है फिर किसी ने हमें पुकारा है वो शख्स हमें तकता ही नहीं जो हमको जान से प्यारा है मैं मिट्टी का इक जर्रा हूँ तू आसमान का तारा है किसको आवाज़ लगाऊँ...

  • गज़ल

    गज़ल

    हर कोशिश मेरी नाकाम हुई जाती है बस यूँ ही सुबह से शाम हुई जाती है खुद-ब-खुद आ गए हैं जलने परवाने शमा बिना वजह बदनाम हुई जाती है जबसे इस कैद में तू आ गया...

  • गज़ल

    गज़ल

    उम्र भर की वफा से हाथ क्या आया मेरे दश्त-ए-तनहाई में कोई न साथ था मेरे यक-ब-यक आज मिले भी तो अजनबी बनकर हुआ करते थे कल तलक जो आशना मेरे खिलौना जान के हर कोई...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इस तूफान में एक शमा जलाई जाए आज फिर शर्त ज़िंदगी से लगाई जाए वादा-ए-वस्ल है उनका कल सुबह हमसे सोचो जल्दी से कैसे रात बिताई जाए तेरे करीब होने का भरम हमें भी है कभी...

  • गज़ल

    गज़ल

    दामन तेरा अश्कों से भिगोया नहीं गया रोने का मन तो था मगर रोया नहीं गया आँखों के समंदर में तैरते रहे गुहर एहसास को लफ्ज़ों में पिरोया नहीं गया क्या कह दिया न जाने तुमने...

  • गज़ल

    गज़ल

    दबा के रखो न दिल में सवाल जो भी हो कि चारागर से न छुपेगा हाल जो भी हो इश्क जब हो ही गया है तब परवाह कैसी नतीजा इसका हिज्र या विसाल जो भी हो...

  • गज़ल

    गज़ल

    बुरे वक्त में सब रिश्ते तार – तार हुए यार जो कल तलक थे आज वो अगयार हुए हर तरफ देखकर खुदगर्ज़ी, चापलूसी को वफा और दोस्ती दोनों ही शर्मसार हुए कसूर अपना क्या बताएं भला...