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  • गज़ल

    गज़ल

    माना तेरी मुहब्बत का मैं हकदार नहीं मगर इस दिल पे मेरा कोई इख्तियार नहीं दोस्ती, वफा और इश्क़ जहाँ बिकते हों जहां में रिश्तों का ऐसा कहीं बाज़ार नहीं तू ही पहली जुस्तजू है तू...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मज़े के साथ ज़हर घूँट-घूँट पीने का कि अंदाज़ मुख्तलिफ है अपने जीने का है नमकीन लहज़ा शहर के सब लोगों का तू ही बता दिखाऊँ ज़ख़्म किसे सीने का नफरत – ओ – इश्क दोनों...

  • धनतेरस का महत्व

    धनतेरस का महत्व

    धन तेरस अर्थात धन्वन्तरि त्रयोदशी को दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता है। जैसा कि नाम से ज्ञात होता है इसे कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को भगवान धन्वन्तरि,...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जादू पैसे का यारो कमाल होता है बिना इसके जीना-मरना मुहाल होता है सिखा रहे हैं सबक रहम का वो दुनिया को रोज़ जिनके यहां बकरा हलाल होता है हमारे खून का रंग लगता है सफेद...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कहीं न दूर तक कोई निशान होता है न ज़मीं न कहीं आसमान होता है किस्मत में क्या लिखा है तूने मेरे खुदा कदम-कदम पे नया इम्तिहान होता है नहीं तुमसे कोई उम्मीद ए दुनिया वालो...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़माने से ज़ख़्म अपने छुपा लिए मैंने छुप के दुनिया से आँसू बहा लिए मैंने हो के बर्बाद इश्क़ में ये सोचता हूँ मैं हाथ इस आग में क्योंकर जला लिए मैंने बावस्ता थीं जिनसे मेरी...

  • दशहरा

    दशहरा

    आज विजयादशमी है। अच्छाई की बुराई पर, सत्य की झूठ पर, विनम्रता की अहंकार पर विजय का पर्व। हर वर्ष हम बड़ी धूमधाम से दशहरा मनाते हैं, दशानन के पुतले का दहन करते हैं और फिर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रफ़ाकत के वो सब किस्से सुहाने याद आते हैं हमें अब भी मुहब्बत के ज़माने याद आते हैं रोज़ हँसता था महफिल में कभी दोस्तों के साथ अब रोता हूँ जब वो दिन पुराने याद आते...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    व्यापार की तरह कभी त्योहार की तरह प्यार अब होता है कहाँ प्यार की तरह घुल गया हवाओं में ज़हर कुछ इस कदर पेश आते हैं हमसाए भी अगयार की तरह फिर पास से निकल गया...

  • गज़ल

    गज़ल

    गुस्सा यूँ ही नहीं इतना भरा है मुझमें कोई तो है जो मुझसे ही खफा है मुझमें झूठ को सच नहीं कहता किसी फायदे के लिए मैं गरीब हूँ माना पर अना है मुझमें ज़िंदगी कर...