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  • गज़ल

    गज़ल

    दूर होकर भी मेरे दिल के बेहद पास लगती है हज़ारों सूरतों में वो सूरत-ए-खास लगती है मिल जाए तो जीने का मज़ा आ जाए मुझको भी बिना उसके मुझे ये ज़िंदगी वनवास लगती है वो...

  • गज़ल

    गज़ल

    कभी बना के हँसी होंठों पे सजाऊँ उसे कभी अश्कों की सूरत आँख से बहाऊँ उसे कभी पढूँ उसे पाकीज़ा आयतों की तरह कभी गज़ल की मानिंद गुनगुनाऊँ उसे वो कहता है कि न किया करो...

  • गज़ल

    गज़ल

    अच्छे बुरे वक्त में भी जो बिल्कुल एक समान रहे,  इस दुनिया में उसकी अपनी एक अलग पहचान रहे,  जब भी सजदा किया है मैंने यही दुआ बस माँगी है,  आए कितनी भी मुश्किल पर कायम...

  • गज़ल

    गज़ल

    जाने वाले लौट आ कि तबियत उदास है  कोई गीत गुनगुना कि तबियत उदास है  काटने को दौड़ते हैं रेशमी बिस्तर बाहों में ले सुला कि तबियत उदास है दम ना निकल जाए मेरा प्यास से...

  • गज़ल

    गज़ल

    ये शीराज़ा तो घड़ी भर में बिखर जाएगा किसे मालूम है कल कौन किधर जाएगा जो मोम होगा पिघल जाएगा इस आग में वो सोना होगा जो कुछ और निखर जाएगा गुनाहों से यूँ दागदार है...

  • गज़ल

    गज़ल

    मुसाफतों से दिल ये भरता क्यों नहीं इक ठिकाने पर ठहरता क्यों नहीं क्यों भरोसा करता है अजनबियों पर ठोकरें खा कर सुधरता क्यों नहीं देखकर इन दर्दमंद मज़लूमों को ज़ालिमों का दिल पिघलता क्यों नहीं...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    माना कि ये ज़माना बेरहम है दोस्तो पर आपके होते हुए क्या गम है दोस्तो इतना प्यार आपसे मिला कि मेरी जीस्त एहसान चुकाने के लिए कम है दोस्तो  थोड़ा सा राम थोड़ा सा रावण है...

  • गज़ल

    गज़ल

    ज़ख्म अपने दिल पे बेशुमार खा गया, मैं आदमी पहचानने में मार खा गया चला था भरोसे का कारोबार करने मैं, जिसपे किया भरोसा कारोबार खा गया बच्चे मेरे इक शाम को तरसते ही रहे, दफ्तर...

  • गज़ल

    गज़ल

    यक-ब-यक चल पड़ी हवा जैसे पूरी हो गई हर दुआ जैसे तुमको देखा तो यूँ महसूस हुआ सामने आ गया खुदा जैसे मैंने हर बार तुझे यूँ माँगा बच्चा कोई माँगे खिलौना जैसे इस तरह तूने...

  • गज़ल

    गज़ल

    न कर बर्बाद अपना वक्त ए दीवाने जा नसीब अपना कहीं और आज़माने जा ======================== तेरे अपनों को तो फुर्सत नहीं है सुनने की किस्से अपने अब तू गैरों को सुनाने जा ======================== पहले से ताल्लुकात...