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  • लक्ष्मी पूजन का मर्म

    लक्ष्मी पूजन का मर्म

    दीपावली के दिन जो पूजा होती है उसे लक्ष्मी पूजन कहा जाता है। आज ज्यादातर लोग समझते हैं कि लक्ष्मी का अर्थ है धन की देवी। ये लक्ष्मी शब्द का बहुत संकुचित अर्थ हो गया। वास्तव...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हसीं शाम को इब्तिदा दीजिए, नया कोई नगमा सुना दीजिए मरमरी हाथ सीने पे रखकर ज़रा, दिल को धड़कना सिखा दीजिए आपके हाथ में दे दी ये ज़िंदगी, बना दीजिए या मिटा दीजिए लब हिलाए बिना...

  • गज़ल

    गज़ल

    मेहनत करोगे तो तुम्हें क्योंकर ना मिलेगा, कहीं माँगने से तुमको मुकद्दर ना मिलेगा टूटे हुए दिल में ना प्यार ढूँढ पाओगे, इस रेत के सहरा में समंदर ना मिलेगा तलाश करनी पड़ती हैं खुद मंजिलें...

  • गज़ल

    गज़ल

    ना करो तुम हिसाब रहने दो, अच्छी हैं या खराब रहने दो दिल का क्या है थोड़ा पागल है, इसकी बातें जनाब रहने दो चलो काँटों की बात करते हैं, आज ज़िक्र-ए-गुलाब रहने दो जीने के...

  • गज़ल

    गज़ल

    करे इंसान क्या जब रास्ता कोई नहीं होता, बना देती है मजबूरी बुरा कोई नहीं होता गम किस बात का हो गई जो गलतियां हमसे, आखिर आदमी हैं सब खुदा कोई नहीं होता सब मतलब के...

  • गज़ल

    गज़ल

    ना दुनिया यूँ हसीं होती अगर बेटी नहीं होती, कमी कुछ रह गई होती अगर बेटी नहीं होती चूमता मैं किसका माथा रात को उठकर, ना आँखों में नमी होती अगर बेटी नहीं होती अपने से...

  • सुख और दुख

    सुख और दुख

    विपदाएं सबके जीवन में आती हैं। सुख और दुख एक निरंतर चलती रहने वाली प्रक्रिया है जो जीवन के सुचारू रूप से निर्वहन के लिए आवश्यक है। कोई भी आपदा मनुष्य की सहनशक्ति से बड़ी नहीं...

  • गज़ल

    गज़ल

    इस दौर-ए-तग़य्युर में ऐसा भी मुकाम आया, जिन हाथों में तस्बीह थी उन हाथों में जाम आया उन्हें राह पे लाने की ज़ाया हुई हर कोशिश, तीशा भी ना काम आया शीशा भी ना काम आया...

  • गज़ल

    गज़ल

    कहीं पे बचपना कहीं पे जवानी कम है, यहां चालबाजी है ज्यादा शैतानी कम है अब नहीं होती हैं लोगों से गलतियां इतनी, इस अक्लमंदी के दौर में नादानी कम है दर्द के सहरा में हर...