कविता

हॉकर

दिन भर बजती हैं दरवाजे पर घंटियां खुलता है दरवाजा हर बार इस उम्मीद से कोई आया होगा मिलने हमसें देखते हैं दरवाजे पर खड़ा है हॉकर दिए गए ऑर्डरों को हाथ में लेकर लेकर सामान हम फिर आकर बैठ जाते हैं इसी उम्मीद में जरूर कोई आएगा मिलने हमसें अगली घंटी के बजने पर […]

कविता

हम

जब तक रहेंगे मैं और तू बनकर तब तक आपस के झगड़े बने रहेंगे मैं और तू के हम में समाहित होते रहेगी न तकरार न कोई झगड़ा आसान नजर आएगी जीने की राह

स्वास्थ्य

अमरूद और स्वास्थ

मैं और मेरा परिवार फलों का बहुत शौकीन है. मैं प्राय: साल में 5 से 6 महीने अपने पुत्र के पास पुणे जा कर रहता हूं और प्रत्येक दिन स्कूटर उठाकर बाजार घूमने निकल जाता हूं और दो तीन फल लेकर आता हूं.नियमित फल का सेवन स्वास्थ के लिए लाभकारी होता है. सर्दियां आ रही […]

कविता

मां

चूल्हे में सीली लकड़ी जलाते फुकनी की हवा से आग भड़काते धुएं से अपनी आंखें जलाते फेफड़ों में घुसे धुएं से खांसते रोटी पकाते क्या देखा तुमने कोई उफ्फ करते क्या देखा तुमने कोई शिकायत करते बिना शिकायत वो खुद जलती जा रही है आज जब वो हो गई निर्बल आई है सहारे को तेरे […]

कविता

जिंदगी

सोचा है कि अब न किसी का दिल दुखाया जाएं न किसी पर हक जताया जाएं बची है जिंदगी जो पल दो पल खामोश रहकर गुजार दी जाएं बहुत जी लिए शोर शराबे में अब चंद दिन बिना शोर शराबे के जी लिया जाए

कविता

क्षितिज

मिल रहा जहां जमीं और आसमां है नहीं दिख रहा कुछ इस मिलन के बाद दिख रहा केवल मिलन सच्चाई है यह दिखता नहीं कुछ मिलन के इन क्षणों में दिखता है तो दोनों का आलिंगन क्या है क्षितिज के उस पार कर देता है यह मिलन देखने के रास्ते सब बंद क्षितिज के उस […]

कविता

मोबाइल

आरोपी मोबाइल हाजिर हो हाजिर हो आया जनाब आया कहता हड़बड़ाता मोबाइल हाजिर हुआ बोला क्या है आरोप किसने लगाया है मुझ पर आरोप हक्कारा जो भी कहना है जाकर कहना अंदर न्यायालय में जज साहिब मोबाइल से तुम पर लगाया है आरोप लिखकर सुसाइड नोट अलमारी में बंद पड़ी किताबों ने तुम्हारे कारण उन्होंने […]

कविता

सकूं

पहले कम था पर गम न था खुशियां महकती थी घर आंगन फर्श कच्चा था तो क्या हुआ गुलाब चमेली से महकता तो था दरवाजे पर नीम का पेड़ तो खड़ा था आज क्या नही है सब कुछ तो है किस चीज की कमी है पर जिसकी तलाश है वही नहीं है

स्वास्थ्य

खजूर के लाभ

फल स्वास्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं.व्यक्ति को प्रतिदिन कोई न कोई फल खाना चाहिए. मेरे घर में कोई न कोई फल अवश्य रहता है, पर जब मैं अपने बेटे के यहां पुणे जाता हूं तो वहां बहुत तरह के फल खाने को मिलते हैं जो मुझे मेरे अपने शहर में भी उपलब्ध नहीं होते.आपको […]