भाषा-साहित्य

हिन्दी दिवस एक दिन पर हिन्दी की बात हर दिन

हिन्दी भारत की मातृभाषा हैं।यह सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषाओ में से एक हैं।एक ऐसी भाषा जिसे हम जैसे लिखते हैं वैसे ही बोलते भी हैं।हिन्दी शब्द का वास्तविक अर्थ “सिन्धु नदी की भूमि” हैं।1918 ईस्वी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु अपने विचार रखे […]

राजनीति

शिक्षकों की उपेक्षा क्यों?

भारत प्राचीन समय से ही विश्व गुरु रहा हैं।भारतवर्ष की गुरु शिष्य परंपरा का गुणगान विश्व करता रहा हैं।गुरु,आचार्य,शिक्षक,अध्यापक या टीचर ये शब्द एक ही भाव स्पष्ट करते हैं।गुरु का स्थान समाज में  सम्मानीय एवं उच्च होता हैं।गुरु का स्थान माता-पिता के बाद सर्वोपरि हैं।पूरे देश की अगर बात की जाए तो कोई भी ऐसा […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

गणेशोत्सव विशेष : शिव-पार्वती के विवाह में पुत्र गणपति का पूजन

प्रत्येक मांगलिक कार्यों से पहले श्री गणेश जी का स्मरण एवं वंदन जरूर किया जाता हैं।विभिन्न मनोकामनाओं से भक्तगण इनका व्रत-पूजन करते हैं।जो शीघ्र ही पूर्ण हो जाता हैं। भाद्रपद (भादो) माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी ने अवतार लिया था।और इसी कारण से भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी […]

सामाजिक

विश्व को भारत का सर्वोत्तम उपहार योग, इसे करे और रहे निरोग

भारत वर्ष का योग से प्राचीन संबंध रहा हैं।हज़ारों साल पहले भी भारत योग के मामले में प्रथम था और आज भी हैं।योग शब्‍द संस्‍कृत की युज धातु से उत्प्न्न हुआ हैं जिसका अर्थ  एकजुट होना या शामिल होना है। योग से जुड़े ग्रंथ बताते हैं कि जो व्यक्ति योग करता हैं उसकी चेतना ब्रह्मांड […]

गीत/नवगीत

हां साहब! मैं मजदूर हूँ…

आज हजारों किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हूँ, हां साहब! मैं मजदूर हूँ, हां साहब! मैं मजदूर हूँ। दूसरों के इशारों पर काम करने वाला हूँ, काम पर पहुंचने में  कभी देर ना हो जाए, इस बात का ध्यान पल-पल रखने वाला हूँ, परिवार का पेट भरने खातिर घर से मैं दूर हूँ, हां साहब! […]

राजनीति

अंतर्राष्ट्रीय प्रेस दिवस : प्रेस को और सशक्त बनाने के संकल्प का दिवस

3 मई अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता स्‍वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के जश्न का दिन होता है। लोकतंत्र के इतिहास के नजरिये से भी यह काफी अहम दिन है। यह लोगों को  याद दिलाता है कि कई पत्रकारों ने दैनिक समाचारो एवं समाचार पत्रों को जनता तक पहुंचाने […]

पर्यावरण

अन्तरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस, पृथ्वी और पर्यावरण को न करे विवश

संपूर्ण मानव एवं जीव-जंतु जिसकी गोद में अपना संपूर्ण जीवन बिताते है और अंत में उसी में समाहित हो जाते है, उस पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्य को करने हेतु संकल्प का दिवस हैं  “अन्तरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस”। यह प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को मनाया जाता है। अनंत काल से यह पृथ्वी हमेशा ही पुजीत रही […]

कविता

समझो जरा इनके जज्बात….

मुश्किल वक्त है और हैं मुश्किल हालात, जूझ रहे हैं आम नागरिक समझो जरा इनके जज्बात…. जब पूरा विश्व जंग लड़ रहा है कोरोना से, भारत में चंद लोगों की सियासत हो रही है, जब साथ होना चाहिए संकट की इस घड़ी में, तब सता के लोभियों की नहीं इनायत हो रही है। संपूर्ण वसुधा […]