इतिहास

गांधी और ख़लीफत – भाग 2 – ‘पुराने जमाने’ की खलीफत को गांधी का समर्थन

वस्तुतः जिस तरह 1919 से 1924 ई. के बीच गाँधीजी ने खलीफत, इस्लाम, तुर्क-ऑटोमन साम्राज्य, तुर्की सुलतान की ‘जरूरतें’, हिन्दू-मुस्लिम इतिहास या संबंध, हिंसा और अहिंसा की व्याख्या आदि की – उन सब को एकत्र करके पढ़ते ही साफ हो जाता है कि गाँधीजी में और जो रहा हो, कोई सुसंगत दर्शन या जरूरी मामूली […]

इतिहास

“खलीफत-गांधी एक्सप्रेस” की शताब्दी पर मौन क्यों? (भाग -1)

दक्षिण अफ्रीका से आने के बाद भारत में गाँधी जी ने पहला राजनीतिक अभियान 1919 ई. में शुरू किया था। आज उसकी शताब्दी मनाना तो दूर, उस का नाम तक कोई नहीं ले रहा! जी हाँ, ‘खलीफत आंदोलन’ याद करें, जो वस्तुतः ‘खलीफत-जिहाद’ था, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष रहीं विदुषी एनी बेसेंट ने ‘गाँधी-खलीफत एक्सप्रेस’ कहा […]

भाषा-साहित्य

शिक्षा में कोई एक विदेशी भाषा ऐच्छिक और देश में दो भाषा नीति हो

इसरो के पूर्व प्रमुख, जाने-माने वैज्ञानिक, शिक्षाविद और पद्मविभूषण से अलंकृत हिंदी नहीं मलयालम भाषी, बहुभाषाविद के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली ९ सदस्यों की समिति की राष्ट्रीय शिक्षा नीति,२०१९ के मसौदा से स्पष्ट होता है कि यह शिक्षा नीति किसी राज्य, भाषा विशेष, क्षेत्र, धर्म, सम्प्रदाय का ध्यान रख कर नहीं बनाई गई है। इसे […]

कविता

दाम्पत्य सूत्र

दिलों का है मिलना ही सबसे ज़रूरी, बाक़ी ना रहती है फिर कोई दूरी. प्रणय-पथ पे पग तुम बढ़ाओ निरन्तर, मिटाते चलो नित जो आएं कुछ अन्तर.. सम्भोग में भाव ही है प्रबलतम, जबरन मनुज नहीं बनते हैं प्रियतम. संतति के हित में समन्वय आवश्यक, सम्बंध का बस है सम्वाद रक्षक.. अलग अपने रिश्ते तुम […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

बौद्ध मत में अंधविश्वास

आजकल अम्बेडकरवादी बौद्ध मत को वैज्ञानिक बताते हैं. यह बौद्ध अन्धविश्वास को भूल जाते हैं. चित्र में श्रीलंका के मन्दिर का दृश्य है. इसमें बुद्ध का दांत है जिसकी आज भी पूजा की जाती है. इस दांत का विवरण चीनी यात्री ह्यून्सांग न्यू किया है. वैज्ञानिक कहते हैं कि यह किसी मनुष्य का दांत नही […]

राजनीति

मोदी के मतलब

प्राचीन सभ्यताओं में से भारतीय सभ्यता ही सम्भवतः एकमात्र जीवित सभ्यता है, किन्तु विकृत रूप में। महाभारत युद्ध से भी लगभग १००० वर्ष पूर्व से यह ह्रास को प्राप्त होने लगी थी, अर्थात ६००० वर्ष पूर्व से। उसके पूर्व वैदिक सभ्यता ने जनमानस को सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर किया जिसमें सांसारिक और आध्यात्मिक, दोनों का ही सन्तुलित […]

समाचार

शालू मिश्रा “नेशनल वूमन अचीवर्स अवार्ड” से सम्मानित

नोहर के वरिष्ठ पत्रकार विद्याधर जी मिश्रा की सुपुत्री युवा साहित्यकार शालू मिश्रा को नेशनल शालू ने बहुत कम समय में छोटी सी उम्र में अपनी एक अनूठी पहचान बना ली है। इनकी जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम है । आपको बड़े हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि *WOMEN POWER SOCIETY (INDIA)* […]

राजनीति

नवनिर्वाचित सांसदों से जनता का अनुरोध

नई लोकसभा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। यह हर्ष का विषय है कि राष्ट्रीयता व देश-प्रेम इन चुनावों में प्रमुखता से उभर कर आए हैं । यह सार्वभौमिक सत्य है कि भाषा-संस्कृति किसी भी देश की राष्ट्रीयता का प्रमुख आधार होते हैं। भाषा के माध्यम से संस्कृति आगे बढ़ती है जो राष्ट्रीयता की जड़ों […]

समाचार

ग्रीष्मकालीन कवि गोष्ठी सम्पन्न

स्थानीय भगवती परिसर मालवा होजयारी मंे गर्दभ राग संस्था द्वारा हास्य कवि गोष्ठी सम्पन्न हुई। आमंत्रित कविगण सर्वश्री इसरार मोहम्मद खान, नरेश सोनी पत्रकार, सुरेन्द्र सर्किट, सौरभ चातक, मामा रामचन्द्र रघुवंशी, प्रमोद तोमर, नरेन्द्र शर्मा, सुधीर पारीक, आदि रचनाकारों ने रचनाएं प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत प्रमोद तोमर ने किया संचालन मामा रामचन्द्र रधुवंशी, ने […]

विज्ञान

ज्ञान-विज्ञान का विपुल भंडार निहित है संस्कृत भाषा में

देश में एक ऐसा वर्ग बन गया है जो कि संस्कृत भाषा से तो शून्य हैं परंतु उनकी छद्म धारणा यह बन गयी है कि संस्कृत भाषा में जो कुछ भी लिखा है वे सब पूजा पाठ के मंत्र ही होंगे जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है। देखते हैं – “चतुरस्रं मण्डलं चिकीर्षन्न् अक्षयार्धं मध्यात्प्राचीमभ्यापातयेत्। यदतिशिष्यते […]