राजनीति

इंडिया नहीं, भारत ही कहा जाए

इंडिया को भारत ही कहा जाए। एक राष्ट्रवादी सरकार के बाद अब देश का प्रबुद्ध नागरिक भी सचेत हो गया है और भारत के धर्म के साथ साथ सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रभुसत्ता को स्थापित करने में योगदान देने चल पड़ा है। हमारे देश का नाम इंडिया की जगह भारत ही कहने पर बहस छिड़ी है। […]

भाषा-साहित्य

मातृभाषा में शिक्षा की वकालत – सबसे विश्वसनीय आवाज़ : प्रो. जोगा सिंह विर्क

प्रो. जोगा सिंह वास्तव में हिन्दी के योद्धा नहीं है. उनकी मातृभाषा पंजाबी है. वे मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्होंने अपने जीवन का यही मिशन बना लिया है. यदि ऐसा होता है तो देश के 99 प्रतिशत विद्यार्थियों को फायदा होगा, उन विद्यार्थियों का श्रम बचेगा जो […]

राजनीति

देश का नाम याचिका से नहीं, जनाकांक्षा से बदलता है…

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश का नाम बदल कर ‘इंडिया’ से ‘भारत’ करने सम्बन्धी याचिका को खारिज कर ठीक ही किया। कोर्ट ने कहा कि इस याचिका की काॅपी सम्बन्धित मं‍त्रालय में भेंजे। इसका फैसला वहीं होगा। याचिका खारिज कर सर्वोच्च न्यायालय ने यही संदेश देने की कोशिश की कि किसी देश का नाम […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

ये रहे सबूत, हिन्दू था विश्व का धर्म…

कहते हैं कि एक समय था जबकि संपूर्ण धरती पर सिर्फ हिंदू थे। प्राचीन काल में भारत की सीमा अफगानिस्तान के हिन्दूकुश से लेकर अरुणाचल तक और कश्मीर से लेकर श्रीलंका तक। दूसरी ओर अरुणाचल से लेकर इंडोनेशिया, मलेशिया तक फैली थी। इस संपूर्ण क्षेत्र में 18 महाजनपदों के सम्राटों का राज था जिसके अंतर्गत […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विभीषण की शरणागति

भारत में भोले भाले हिंदुओं के बीच एक जुमला चलाया गया “घर का भेदी लंका ढाए”। भोले भाले हिंदुओं के मन में यह बात बैठाई गई कि अपहरण कारी रावण सही था और विभीषण गलत था जिसने रावण को गलत काम करने से रोका। जबकि विभीषण ने रावण के गलत काम से रावण की लात खाकर और […]

इतिहास

भारत को खण्डित तथा दुर्बल करने के षड्यन्त्र

सारांश-विदेशी आक्रमणकारियों ने कई प्रकार से भारत को खण्डित तथा दुर्बल करने के षड्यन्त्र किये हैं-(१) भारत में भेदिये पैदा करना तथा उनको लालच देकर उनसे सहायता, (२) भारत की शिक्षण संस्थाओं को नष्ट करना, (३) भारतीय शास्त्रों में जो बचा रह गया उसमें अविश्वास पैदा करना तथा भ्रामक व्याख्या, (४) भारतीयों के ज्ञान और […]

बालोपयोगी लेख

समय से घर पहुँच जाना चाहिए

हमारे घर पापा मम्मी कालेज भेजते हैं तो हमें भी डर लगता है। अपने पापा मम्मी को छोड़कर जाना हमको अच्छा नहीं लगता। भीड़ में कोई गुंडा हमको मार न डाले और हमें नुकसान न पहुँचा दे, हमको इसका डर लगता है। हमें अपने पापा मम्मी को छोड़कर नहीं जाना चाहिए। जाना है तो अपने […]

शिशुगीत

मेरी मम्मी

मेरी मम्मी प्यारी मम्मी सबसे प्यारी मेरी मम्मी पढ़ने भेजती मेरी मम्मी एक दिन अगर पढ़ाई नहीं करते मम्मी डाँट लगाती है फिर पढ़ने बैठ जाओ तो मम्मी खुश हो जाती है सबसे प्यारी मेरी मम्मी

बाल कविता

जल संरक्षण

जल संरक्षण अभियान चलाओ देश में पानी की बचत कराओ नदियाँ और तालाब में कुएँ में और नहर में टंकी में और गड्ढे में इनमें पानी की बचत कराओ पानी अपने काम में लो ना कि यूँ ही फेंकते रहो नदियाँ नहरें कुएँ तालाब हैंडपंप टूयूबैल इन सबसे हमें पानी मिलता अगर तुम यूँ ही […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

भूत प्रेत की हानिकारक कल्पना

कुछ दिन पहले मैं एक धार्मिक हिन्दू से बात कर रहा था । हमारी चर्चा का विषय धर्म, परमेश्वर और अलग अलग मान्यताओं के बारे में था कि इसमें भिन्नता कैसे हो सकती है। बातचीत के दौरान उसका प्रश्न था ‘यदि आप परमेश्वर पर विश्वास करते है तो आप भूत और जादू में भी यकीन […]