पुस्तक समीक्षा

“भारत के पूर्वोत्तर में उग्रवाद” : पूर्वोत्तर के उग्रवाद पर प्रामाणिक पुस्तक

स्वतंत्रता के बाद से ही पूर्वोत्तर के राज्य उग्रवादी गतिविधियों से जूझते रहे हैं I विद्रोह और उग्रवाद को दबाने की कोशिशें हुईं लेकिन रक्तबीज की तरह किसी न किसी रूप में उग्रवाद अपना सिर उठा ही लेता है I पूर्वोत्तर का यह दुर्भाग्य है कि पर्याप्त जल संसाधन, प्राकृतिक सम्पदा और जनशक्ति के बावजूद […]

राजनीति

नागरिकता संशोधन बिल और कांग्रेस का पाप

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर पूर्वोत्तर भारत और विशेष रूप से असम उबल रहा है, तरह – तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं, अफवाहों का बाज़ार गर्म है I कांग्रेस, टीएमसी, वामपंथी दल, एआईयूडीएफ आदि दल आंदोलन की आग में अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंक रहे हैं I असम के अराजक तत्व भी इसमें कूद […]

पुस्तक समीक्षा

“उत्तर–पूर्व भारत का इतिहास” – पूर्वोत्तर का सम्पूर्ण इतिहास दर्शन (पुस्तक समीक्षा)

भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र बांग्लादेश, भूटान, चीन, म्यांमार और तिब्बत – पाँच देशों की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अवस्थित है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम – इन आठ राज्यों से बना समूह पूर्वोत्तर क्षेत्र भौगोलिक, पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में लगभग 400 समुदायों के […]

भाषा-साहित्य

त्रिपुरा का भाषिक परिदृश्य

त्रिपुरा पूर्वोत्तर का छोटा पर सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है I महाभारत तथा पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्लेख मिलता है I ‘त्रिपुरा’ नाम के संबंध में विद्वानों में मतभिन्न्ता है । इसकी उत्पत्ति के संबंध में अनेक मिथक और आख्यान प्रचलित हैं । कहा जाता है कि राधाकिशोरपुर की देवी त्रिपुरसुंदरी के […]

भाषा-साहित्य

नागालैंड का भाषिक परिदृश्य और नागामीज का भविष्य

नागालैंड पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख राज्य है I यह असम की ब्रह्मपुत्र घाटी और बर्मा के बीच पर्वतीय क्षेत्र की संकरी पट्टी में स्थित है I इसके पूर्व में म्यांमार की अंतराष्ट्रीय सीमा, दक्षिण में मणिपुर, उत्तर और पश्चिम में असम एवं उत्तर- पूर्व में अरुणाचल प्रदेश राज्य स्थित है I यहाँ 16 प्रमुख […]

भाषा-साहित्य

पूर्वोत्तर राज्यों में भाषिक प्रावधान और हिंदी का परिदृश्य

भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र बांग्लादेश, भूटान, चीन, म्यांमार और तिब्बत – पांच देशों की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अवस्थित है । असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम- इन आठ राज्यों का समूह पूर्वोत्तर भौगोलिक, पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है । इस क्षेत्र में 400 समुदायों के लोग रहते […]

राजनीति

महात्मा नरेंद्र मोदी : एक विराट व्यक्तित्व

नरेंद्र मोदी के विराट व्यक्तित्व के सामने विपक्षी दल के नेता बौने लगते हैं I अपने बौनेपन को छुपाने के लिए इन जातिवादी- परिवारवादी भ्रष्ट और पदलोलुप नेताओं ने गठबंधन कर लिया है I यह गठबंधन इनके भय का प्रकटीकरण है I इनके लिए मोदी को परास्त करना प्रथम और अंतिम प्राथमिकता है I विगत […]

हास्य व्यंग्य

मेरी डायरी : मेरा यथार्थ बोध

दिनांक:06.04.2019 दिल्ली के दो कड़क लौंडे के दिल सुविधा की सुहागरात मनाने के लिए मचल रहे थे लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को यह ‘मधुचन्द्रिका’ मंजूर नहीं थी. इसलिए ‘मोहब्बत की झूठी कहानी’ पर विराम लग गया. अब दिल्ली के धूर्त मुख्यमंत्री केजरीवाल कांग्रेस को बेवफा कह रहे हैं. ‘क्या से क्या हो गया बेवफा […]

हास्य व्यंग्य

भेड़तंत्र

प्राचीनकाल में चंपतपुर नामक एक राज्य था I जनता की मांग पर वहाँ भेड़तंत्र की स्थापना की गई I भेड़तंत्र अर्थात भेड़ों के लिए भेड़ियानुमा भेड़ों द्वारा संचालित ऐसी शासन- व्यवस्था जिसे भीड़तंत्र, वोटतंत्र और भेड़ियातंत्र भी कहा जाता है I उस तंत्र में वोट की नदी को पारकर लंपट, लफंगा, अपराधी, भ्रष्ट और दिवालिया […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

कुकी जनजाति की जीवन शैली और धार्मिक विश्वास

कुकी एक अस्पष्ट संज्ञा है जो मैदानी क्षेत्र के लोगों द्वारा उन पर्वतवासी जनजातीय समूह को दी गई है जो खासी, गारो, मिकिर इत्यादि समुदायों से भिन्न हैं I कुकी एक सामुहिक संज्ञा है जिसमे अनेक उपजातियां सम्मिलित हैं I कुकी शब्द की उत्पत्ति और इस समुदाय के मूल निवास के संबंध में विद्वानों में […]