कविता

हमसफ़र

जीवन नैया अब चल पड़ी कभी उफान बन पड़ी साथी क्या साथ निभाएंगे अपना ही राग अलापेंगे कमियां तो सब में होती है पर, कमियां अपनी न भांति है जीवन नैया के डगर में जो मिलजुल कर साथ निभाएगा खुशियां दुगनी हो जाएगी जीवन जीना सहज होगा। विजया लक्ष्मी

भजन/भावगीत

अम्बे रानी

जगदम्बे बहुत दयालु है सब भक्तों के प्यारी है अपनी दया दृष्टि से मां सारे जग को चमकाई है जो भी इनके शरण में जाता झोली भर के सबका आता मां शक्ति स्वरूपा जगजननी सबकी काया में सुख देती विधा दायनी, वर दायनी विघ्न हारनी , कष्ट निवारणी तेरे अनुपम छावं में मां मैं तुझे […]

कविता

कविता

एक नारी की भी अजीब दास्तां होती है घर को स्वर्ग बना कर रखती सब घर में खुशबू बिखेरती बच्चों को परिवरिश करती खुद भी कष्टों को सहती तनिक नहीं आराम वो करती मन उसका जब खिन्न सा होता थोड़ा सा आराम को सोचती बच्चे भी नहीं सोने देते शोर मचाते घूम घूम कर आखिर […]

कविता

कविता

पेड़ पौधे तृण घास निराले लगे उपवन में छवि निराले बाग बगीचे शीतल छईया सब मधुबन की कोमल कालियां प्रात: सूर्य की आभा देखो सारे कालियां मुस्काने भरती पशु पक्षी सब है मस्ताने झूम झूम खूब कलरव करतेआज मधुबन भीतर सखियां मिलकर झूला झूले रेशम डाली है मधुबन भीतर सब खेल मौसम भी खूब जमाए […]

कविता

रिश्ते

ये रिश्ते भी दिखावा है प्यार प्यार में नफरत भरा है विश्वास किसपर धरा जितने लोग उतनी बातें। मूंह मिट्ठू बन गए है लोग है जलन बहुत ही जोर किसके गला दबा के काटे किसके दिल में ठेस लगाए। नहीं किसी को डर प्रभु से घंटी माला फेर रहे है प्रभु का गुण गा रहे […]

बाल कविता

बाल कविता

आओ बच्चो चलो खेलने सब मिलकर बजाओ ढोल बादल उमड़ घुमड़ रहे है बिजली चमक रही है चम चम। मेघ देखकर मोर नृत्य करता सब बच्चों को खूब मन भाता बच्चें भी खूब नृत्य करते जैसे मोर को देखे वैसे। दादा दादी नाना नानी सबने देखा बच्चों का खेल सभी देखकर झूम रहे है खेल […]

गीत/नवगीत

कजरी

कृष्णा रास रचाए मधुबन में राधा जी के संग में न। &&&&&&&&&&&& रिमझिम बरसे फुहार ले ले सावन का बहार राधा रानी का मुखड़ा निहार के राधा जी के संग में न कृष्णा रास………. &&&&&&&&&&&&&& ग्वाल बाल सब आए मिलकर रास रचाए सब सावन के मस्ती में झूम के राधा जी के संग में न […]

बाल कविता

बाल कविता

आओ बच्चे राज दुलारे घर आंगन के हो परवाने खेल खेल में खूब इतराए आपस में सब खुशियां बांटे प्यारे प्यारे किलकारियों से घर आंगन में महक समाए दादा दादी, नाना नानी बच्चों को सब खूब खेलाए कभी शरारत कभी झगड़ा सब बच्चे मिल खूब डराते दादा दादी लोरी गाते बच्चे को खूब मन भाते। […]

भजन/भावगीत

सरस्वती मां

हे मां सरस्वती सनले पुकार मेरी तू विधा दायनी भयहारिणी भक्तो को अपने तार दे मां। तेरी दया के आंचल में शीतल बयार के छाव में तू विद्या का भंडार दे जीवन सवार दे मां। तेरी कृपा से मैया चलती है नैया मेरी तू वीणा वत्सल भगवती करदे उद्धार मेरी। श्वेताम्बर से विभूषित रखती दया […]

कविता

प्रकृति

आज चलो उपवन पधारे है अकिंचन गीत गाएं हरा भरा हरियाली छाई प्रकृति ने जो छवि दिखाई। हर तरफ है शान सोहरत मोर भी देख नृत्य करता यह छवि मन मोह लेता सारा जग सुन्दर सा लगता। इस समय वन बाग उपवन खिल उठे सब झूम उठे हैं रिमझिम बारिश बरस रही है आज मौसम […]