शिशुगीत

कोरोना

कोरोना से लड़ना है, हमको आगे बढ़ना है, कोरोना की धूल झटक कर, ऊंचे-ऊंचे चढ़ना है. अनुशासन रख, कदम बढ़ाएं, अपनी-अपनों की जान बचाएं, दो गज दूरी, उचित फासला, रखकर कोरोना को हराएं.

शिशुगीत

गाय

मां सबकी कहलाने वाली, गाय बड़ी है भोली-भाली, चाहे जो भी घास-फूस दो, चुपके-से है खाने वाली. बछड़ा देख खुशी के मारे, दूध बहुत-सा देती है, दूध पिलाकर रोग मिटाती, बल और बुद्धि देती है.

शिशुगीत

गधा

कोई गलत काम जब करता, कहते ”तू तो गधाराम है”, पर बेचारा गधा न चिड़ता, वह तो ऐसे ही बदनाम है. बोझा ढोता है कुम्हार का, धोबी का भी काम संवारे, रूखी-सूखी घास का खाना, खाकर ‘ढेंचू-ढेंचू’ पुकारे.

शिशुगीत

हिरन

मैं जंगल का रहने वाला, खूब सजीला मेरा रूप, सोने जैसा रंग मिला है, ज्यों बादल में खिलती धूप. खूब तेज है मेरी चाल, शाकाहारी पंडित हूं, शेर देखकर भरूं चौकड़ी, मानो कोई दंडित हूं.

शिशुगीत

लिली के फूल

लिली का मैं फूल हूं, कीप के जैसा दिखता हूं, अपनी सुगंध, सुंदरता के चर्चे, मैं नित सुनता रहता हूं. बलुई दोमट मिट्टी में मुझको, पूरा पोषण मिल पाता, लाल-गुलाबी और श्वेत रंग में, अक्सर मैं हूं पाया जाता.

शिशुगीत

भालू

काला भालू, मोटा भालू, जंगल में रहता है भालू, कभी-कभी बस्ती में आकर, सुंदर नाच दिखाता भालू. सर्कस में भी खेल दिखाता, शहद को खाता प्रेम से भालू, दूर-दूर रह नाच देखना, कभी डराता भी है भालू.

शिशुगीत

शेर

शेर हूं मैं जंगल का राजा, कहना सब मेरा मानो, अपना-अपना काम करो सब, किसे न दुश्मन तुम जानो. हिलमिल कर रहने से होते, पूरे काम सभी के भाई, आपस में हो वैरभाव तो, समझो आफत है आई

शिशुगीत

टाईगर

  टाई नहीं लगाता फिर भी, टाईगर है मेरा नाम, शेर है भाई, वन में रहता, बस शिकार का करता काम. मेरी प्यारी-प्यारी धारियां, बन जाती हैं मेरी दुश्मन, इसीलिए छिपता-फिरता हूं, वरना रहता मैं स्वतंत्र मन.  

शिशुगीत

हाथी

हाथी मोटा काला-काला, जंगल में है रहने वाला, खंभे जैसे चार पैर हैं, पंखे जैसे कानों वाला. लंबी नाक सूंड कहलाती, भारी बोझा खूब उठाती, सुनकर इसकी चिंघाड़ भारी, बड़े-बड़ों की टैं हो जाती.

शिशुगीत

लोरी

चंदा के झूले पर चढ़कर , वही निंदिया फिर आयेगी सपनों के देश में अभी ही , हिंडोले वही झुलायेगी ….. चाँदी की कटोरी में सुनो , खाना तुझको खिलायेगी फूलों की शय्या पर तुझको , बिटिया अब तो सुलायेगी परियाँ मिल कर सारी ही तो , तुझे नाच भी दिखायेंगी ….. सपनों के देश […]