Category : बाल साहित्य

  • बाल गीत – दुकान

    बाल गीत – दुकान

    जंगल में चूहे ने खोली, अपनी एक दुकान हल्दी, धनिया, मिर्च, मसाला, घर का सब सामान चीटी शक्कर लेती उससे , हाथी लेता केला पूरे पैसे सब देते थे, करते नहीं झमेला पर बिल्ली ने कर...

  • बिल्ली मौसी की शादी

    बिल्ली मौसी की शादी

    मटकू चूहा सरपट भागा, उसने थोड़ा केक चुराया। बिल्ली मौसी ने शादी में, मटकू को था नहीं बुलाया॥ खट्टी मीठी खुशबू आती, मटकू के मन को ललचाती। बात पते की उसने सोची, मौसी के घर करते...




  • मम्मी ऐसा क्यों होता है

    मम्मी ऐसा क्यों होता है

    (आज की दुनिया में हर कोई बिज़ी है,ऐसे में दादी की गोद में ही सुकून मिलता है ये कविता संयुक्त परिवार के महत्त्व को भी दर्शाती है) मम्मी ऐसा क्यों होता है छोटा बच्चा क्यों रोता...

  • कौआ बोला 

    कौआ बोला 

    कौआ बोला कॉँव कॉँव क्या में घर  के अंदर  आऊं ? बोले पापा नहीं नहीं जाओ किसी और की ठाँव इधर उधर तुम फिरते हो बस कॉँव कॉँव ही करते हो जाओ जाकर कुछ काम करो मत इतना...

  • चूहा आया

    चूहा आया

    चूहा आया ,चूहा आया अपने मुँह में रोटी लाया लम्बी मोटी काली दुम खाना खाता है चुन चुन रहता है छोटे से बिल में मम्मी रहती हैं मुश्किल में खाना खुला जो रह जाता है ले...

  • शिशुगीत – 5

    शिशुगीत – 5

    १. टीवी चुटकी, भीम, कालिया, राजू सबसे हमको मिलवाता डोरेमॉन, घसीटा, मोटू पतलू के घर ले जाता डिस्कवरी चैनल टीचर सा बातें नयी बताता है छुट्टी मिलते टीवी देखो मजा बहुत ही आता है   २....