Category : बाल साहित्य




  • ग़ुब्बारे वाला

    ग़ुब्बारे वाला

    बचपन में एक झोले वाला मुझको बड़ा रिझाता था हाथों में बांसुरी लिए मधुर तान सुनाता था सुरम्य रसीली बंसी की धुन पर हर बालक सम्मोहित था जब जब तान बंसी की सुनता मन उल्लास से...

  • सपनों का संसार

    सपनों का संसार

    कितना प्यारा होता हैसपनों का संसार होते हैं यहाँ पर क़ई असंभव चमत्कार आकाश में हम उड़ते हैं दरिया में गोते लगाते हैं फूलों के घर बनाके मोतियों से सजाते हैं सुरज-चाँद से मिलके हम खेलते...


  • तीन वरदान

    तीन वरदान

    मोनू एक गरीब सपेरा था। वह अपनी विधवा माँ के साथ एक झोपड़ी में रहता था। गरीबी के कारण वह पढ़ लिख नहीं सका। इसलिए जंगल में साँप पकड़कर उनका जहर निकालता और पिटारी में भरकर...


  • कविता और विज्ञान

    कविता और विज्ञान

    नीला सुंदर गगन यह विस्तृत कल्पना हुई पूर्ण कवि की, अरे , यहाँ कोई रंग कहाँ है? ये तो माया है’अपवर्तन’ की। अहा जरा इनमें तो झांको नायिका की भावपूर्ण आँखें कहाँ, अरे ये तो मानव...