कविता

हाइकु – कागज़ , पन्ना , पृष्ठ

हुई बारिश
सफर पर चले
कागजी नाव

वक्त ने लिखा
सुख दुख का लेख
पृष्ठ जिंदगी

पन्ना रंगीन
सुख दुख के रंग
जीवन सार

कोरा कागज़
शब्दों का मेला लगा
स्याही कुर्बान

अतुल्य ज्ञान
पन्ना पन्ना समेटे
वेद पुराण

प्रेम की पाती
खुशबूदार पृष्ठ

रंग गुलाबी

ज्ञान सागर
पन्नों में समाहित
किताब रूप

टेढी लकीरें
लिखता पृष्ठ पर
बूझता स्वयं

— मनीष मिश्रा मणि

4 thoughts on “हाइकु – कागज़ , पन्ना , पृष्ठ

  • गुरमेल सिंह भमरा लंदन

    बहुत अच्छा .

    • मनीष मिश्रा मणि

      बहुत बहुत शुक्रिया आपका..

  • विजय कुमार सिंघल

    अच्छे हाइकु !

    • मनीष मिश्रा मणि

      बहुत बहुत शुक्रिया

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