गीतिका/ग़ज़ल

मिला मैं आज जब उससे….

मिला जब आज मैं उस से, बहुत बेजार रोई वो।
मेरे कांधे पे सर रखकर, सरे बाजार रोई वो॥

बिखरते थे कभी गुल, जिसके हंसने ली अदाओं से।
भरे आंसू निगाहों में, बहुत लाचार रोई वो॥

बताती थी ज़माने को, जो अक्सर प्यार की महिमा।
लुटी जब प्यार में खुद ही, दहाडे मार रोई वो॥

उछलती खेलती थी, घर के आंगन में जो हिरनी सी।
लिये हर सांस में, बस दर्द का किरदार रोई वो॥

दुलारी थी बहुत मां बाप की, भाई की जान थी।
कर कर के याद अपना, परिवार रोई वो॥

अभी तो ज़िन्दगी की राह में, कुछ पग चली थी बस।
लुटा कर सारी उम्मीदें, कर हाहाकार रोई वो॥

लगी रूकने मेरी धडकन, आह बरबस ही निकल पडी।
बता कर जब उसी को, अपना पहला प्यार रोई वो॥

सतीश बंसल

*सतीश बंसल

पिता का नाम : श्री श्री निवास बंसल जन्म स्थान : ग्राम- घिटौरा, जिला - बागपत (उत्तर प्रदेश) वर्तमान निवास : पंडितवाडी, देहरादून फोन : 09368463261 जन्म तिथि : 02-09-1968 : B.A 1990 CCS University Meerut (UP) लेखन : हिन्दी कविता एवं गीत प्रकाशित पुस्तकें : " गुनगुनांने लगीं खामोशियां" "चलो गुनगुनाएँ" , "कवि नही हूँ मैं", "संस्कार के दीप" एवं "रोशनी के लिए" विषय : सभी सामाजिक, राजनैतिक, सामयिक, बेटी बचाव, गौ हत्या, प्रकृति, पारिवारिक रिश्ते , आध्यात्मिक, देश भक्ति, वीर रस एवं प्रेम गीत.

One thought on “मिला मैं आज जब उससे….

Comments are closed.