कविता

महाकाल कृपा

मुझ पर हैं महाकाल कृपा
महाकाल ने मुझें बचाया हैं
पहुँच गया काल के मुँह में
काल के मुँह से लौट आया मैं
मुझ पर हैं महाकाल कृपा
महाकाल ने मुझें बचाया हैं।

लोगो ने मुझें गिराया हैं
उस महाकाल ने उठाया हैं
दुःख तो आया जीवन में
पर ज्यादा ठहर ना पाया हैं
मुझ पर हैं महाकाल कृपा
महाकाल ने मुझें बचाया हैं।

महाकाल की भक्ति में तत्पर हूँ
मैंने महाकाल के चरणों में शीश झुकाया हैं
मुझें महाकाल ने वो सब कुछ दिया
जो कुछ मैंने चाहा हैं
मुझ पर हैं महाकाल कृपा
महाकाल ने मुझें बचाया हैं।

मुझें अपने चरणों में रखना बाबा
यह विनय कर शीश झुकाया हैं
जब भी झुका शिव चरणों में मैं
सिर पर हाथ मैंने पाया हैं
मुझ पर हैं महाकाल कृपा
महाकाल ने मुझें बचाया हैं।

– शिवेश अग्रवाल नन्हाकवि

शिवेश हरसूदी

खिरकिया, जिला हरदा (म.प्र.) मो. 8109087918, 7999030310