कविता

मेरे सपनों का देश भारत !

मूल अंग्रेजी कविता–

India of my dreams.
Would have many beautiful streams.
There would be greenery everywhere.
There would not be pollution anywhere.
There would be many plants and trees
And education would be free.
Everybody would get their right.
No begger wold be insight.
There would be no garbage anywhere.
There would be peace everywhere.
Oh ! How wonderful would it be.
There would be heaven everywhere.
Shreya Gupta

हिंदी में भावानुवाद–

मेरे सपनों का देश भारत
ऐसा होगा भारतवर्ष मेरा अपना
पूरा होगा सभी का हर सुंदर सपना
बहेंगी जहाँ निर्मल नदियाँ कल कल करती
होगी सब ओर हरी भरी यह हमारी धरती
कहीं भी न होगा किसी तरह का प्रदूषण
हरे भरे पेड़-पौधे बनेंगे धरा के आभूषण
सबको मिलेगी नि:शुल्क शिक्षा और रोज़गार
सब पायेंगे अपना अपना मौलिक अधिकार
कहीं कोई भिखारी न आएगा नज़र
न किसी तरह की गंदगी होगी कहीं पर
सब तरफ़ होगी सुहावनी शांति
सब सुखी होंगे यहाँ स्वर्ग की भाँति !
— श्रेया गुप्ता
(अनुवादक : विजय कुमार सिंघल)

श्रेया गुप्ता

श्रीमती अंजू गुप्ता की पुत्री ! मेरा नाम श्रेया गुप्ता है और मैं सातवीं कक्षा में पढ़ती हूँ ! नृत्य, गायन, चित्रकला और कविता लिखना मेरा शौक है ! मैं लगभग 12 वर्ष की हूँ और मेरी इच्छा है कि पढ़ाई के साथ - साथ अन्य क्षेत्रों में भी मैं अपने माता -पिता का नाम रौशन करूँ !

5 thoughts on “मेरे सपनों का देश भारत !

  • राजकुमार कांदु

    veri veri nice poem beta ! your parents must feei proud of you . blessings a iot of you . thank you .

  • राजकुमार कांदु

    veri veri nice poem beta ! your parents must feei proud of you . blessings a iot of you . thank you .

  • लीला तिवानी

    श्रेया जी, आपकी रचना हमें श्रेयस्कर लगी. बधाइयां और शुभकामनाएं.

  • अंजु गुप्ता

    Nice efforts by my darling daughtet. Feeling proud

  • अंजु गुप्ता

    Nice efforts by my darling daughtet. Feeling proud

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