कविता

कविता : मेरे हालात

मुस्कुराहट में ग़म हम छुपा लेते हैं !
मेरे हालात गैरों को भी रुला देते हैं ! !

हो जाते हैं ग़मगीन, जब हालातों से हम !
अपनी निराशा, हम आँसू में बहा देते हैं ! !
मेरे हालात…

महकें यादें तेरीं, अब भी पलकों में मेरी !
उन यादों को कहीं यादों में दफना देते हैं ! !
मेरे हालात…

सदाओं पे तेरी, रुक जाएँ अब भी साँसें !
हो निशब्द, हाल दिल का छुपा लेते हैं ! !
मेरे हालात…

नादां दिल करे अब भी, चाँद पाने की ख्वाहिश !
अहसास दिल के खुद से छुपा लेते हैं ! !
मेरे हालात…

अंजु गुप्ता

*अंजु गुप्ता

Am Self Employed Soft Skill Trainer with more than 24 years of rich experience in Education field. Hindi is my passion & English is my profession. Qualification: B.Com, PGDMM, MBA, MA (English), B.Ed