कविता

सिर्फ  प्रयास

न छोड़ें प्रयास
प्यास के लिए
विकास के लिए
बहार के लिए
मकान के लिए
व्यापार के लिए
परीक्षा के लिए
न छोड़ें प्रयास।
खेतों के लिए
फसलों के लिए
जीव रक्षा के लिए
रोगों के लिए
रोगियों के लिए
न छोड़ें प्रयास।
चांद के लिए
चांदनी के लिए
मंगल के लिए
मंगल में पानी के लिए
सभी खोज के लिए
न छोड़ें प्रयास।
एकता के लिए
अनेकता के लिए
शांति के लिए
प्रार्थना के लिए
पूजन के लिए
वंदना के लिए
अध्ययन के लिए
अध्यापन के लिए
न छोड़ें प्रयास।
मिलन के लिए
मिलाने के लिए
दर्शन के लिए
मुलाकात के लिए
क्षमा के लिए
ममता के लिए
दया के लिए
दान के लिए
न छोड़ें प्रयास।

शंका के लिए
समाधान के लिए
आत्मा के लिए
परमात्मा के लिए
लोक के लिए
परलोक के लिए
न छोड़ें प्रयास।

अनिल कुमार सोनी

अनिल कुमार सोनी

जन्मतिथि :01.07.1960 शहर/गाँव:पाटन जबलपुर शिक्षा :बी. काम, पत्रकारिता में डिप्लोमा लगभग 25 वर्षों से अब तक अखबारों में संवाददाता रहा एवं गद्य कविताओं की रचना की अप्रकाशित कविता संग्रह "क्या तुम समय तो नहीं गवां रहे हो "एवं "मधुवाला" है। शौक :हिंदी सेवा सम्प्रति :टाइपिंग सेंटर संचालक