जीवन मूल्यों की ‘जीवनोत्कर्ष कहानियाँ’
डॉ. अनुराधा प्रियदर्शिनी हिंदी साहित्य का एक जाना पहचाना नाम है। अपनी कहानियों, कविताओं, गीतों संस्मरणों, लघुकथाओं के साथ-साथ वे ब्लॉग, यूट्यूब और पटलों/मंचों, पत्र पत्रिकाओं में अपनी उपस्थिति से इसका आभास भी कराती रहती हैं। विभिन्न एकल संग्रहों के प्रकाशन की श्रृंखला में वैदिक प्रकाशन से प्रकाशित इस 104 पृष्ठीय ‘जीवनोत्कर्ष कहानियां ‘संग्रह में उनकी चुनिंदा 11 कहानियाँ संकलित हैं। जिसमें समावेशी भाव से कहानियों को स्थान दिया गया है।
पहली कहानी ‘हीरे की कीमत’ जीवन मूल्य का सुंदर, प्रेरक संदेश देने की कोशिश है। ‘ठंडी रोटी’ श्रम, स्वावलंबन और जिम्मेदारी की सीख देती है। ‘सौ रुपये की बात’ में लेखिका ने बोधकथाओं/कहावतों-सूक्तियों के माध्यम से जीवन की शिक्षा को पाठकों के हृदय तक पहुंचने का प्रयास किया है।
‘दादी जी का जन्मदिन’ संयुक्त परिवार की आत्मीयता, भावुकता और भावनात्मक संबंधों का सजीव चित्रण है।
‘हीरे का खूबसूरत हार’ बाहरी और आंतरिक गुणों का संदेश देती है।
‘तीन दिन का राजा’ बचपन में किए गए वादों को महत्ता, सच्चे मित्रों की पहचान और योग्य व्यक्तियों को साथ रखने की प्रेरणा देती है।
'दृढ़निश्चय और विश्वास का फल' आस्था, विश्वास, संकल्प और उत्साह के माध्यम से यह श्रद्धा और निरंतर प्रयासों से सफलता एवं ईश्वरीय कृपा का मार्ग प्रशस्त होने के विश्वास को खूबसूरती से उकेरा गया है।
'स्वर्ग लोक में चंदू", 'रामलाल और उसका लालच' और 'सच्ची खुशी' के साथ संग्रह की कहानियां पाठकों को सीख, संदेश के साथ चिंतन,मनन को प्रेरित करने के साथ अपनी और खींचने में सक्षम हैं। यह और बात है कि संग्रह की कुछेक कहानियां बोध कथाओं का आभास देती हैं। संभवतः इसे लेखिका ने पाठकों तक पहुंचने का यह बेहतर वैकल्पिक विकल्प के तौर पर अपनाया हो, जोभी है, अनुराधा अपने प्रयासों में काफी हद तक सफल भी रहीं। एक कलमकार के लिए इससे बेहतर और हो भी क्या सकता है।
'जीवनोत्कर्ष कहानियाँ' संग्रह है, पाठकों से सीधे संवाद करता है, संदेश, प्रेरणा देता है, चिंतन को विवश करता है, इसे संग्रह की सफलता के तौर पर लिया जाएगा। भाषा,भाव, संवाद,कथ्य और उद्देश्य साफ सुथरे, स्पष्ट और परिपक्वता के साथ अपनी सार्थकता सिद्ध करते हैं। जिसके लिए लेखिका साधुवाद की पात्र हैँ। मेरा विश्वास है कि आगे भी अनुराधा प्रियदर्शिनी अपनी कलम के माध्यम से साहित्य और समाज को आच्छादित करती रहेअनेकानेक शुभेच्छाओं के साथ……।
