गीतिका/ग़ज़ल

पँहुचे ना आफताब जहाँ शायर पहुँचे
गरीबो के जानने वो हालात घर पहुँचे !!

उनकी आँखे बयां करती है हाल सारा
कमाने निकले बेटे घर से शहर पहुँचे !!

हाथ जोड़े घर-घर कहे हमें ही वोट दे
वोट माँगने नेता आज सारंगपुर पहुँचे !!

ग्रामीणों ने चौपाल में निर्णय लिया ये
वोट देने कोई भी न अबकी बार पहुँचे !!

वोट देगा नही कोई भी ग्रामवासी अब
बिजली पानी अगर ना घर द्वार पहुँचे !!

वोट माँगने आते है सिर्फ गाँव में नेता
वोट देंगे नही चाहे कोई सरकार पहुँचे !!

-शिवेश अग्रवाल ”नन्हाकवि”

शिवेश हरसूदी

खिरकिया, जिला हरदा (म.प्र.) मो. 8109087918, 7999030310