मुक्तक/दोहा

मुक्तक

आँखों से आंसुओं को अब बह जाने दो
ख्वाबों का वो झूठा खंड्हर ढह जाने दो
कब तलक ठहरे रहोगे अतीत में यूंही
ज़िन्दगी में आगे बड़ो बाकि रह जाने दो!

कामनी गुप्ता ***
जम्मू !

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |