कविता

लेखन ऑन सेल

मेरी हृदय-कोशिकाएं भी झूल लेती हैं झूला
एक ही साथ – एक ही प्रवाह में।
जब कोई ऐसा लिखा पढ़ती हैं आँखें
जो दिल के हर सेल को कर लेता है पर्चेज।
लेकिन सेल्स का थमना तब होता है अनुभव
जब कोई सृजनकर्ता जगह-जगह कहता फिरता है,
मेरा लिखा पढ़ लो… मेरा छ्पा पढ़ लो…
क्यों साहब! क्या लेखन ऑन सेल है?

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी शिक्षा: विद्या वाचस्पति (Ph.D.) सम्प्रति: सह आचार्य (कम्प्यूटर विज्ञान) साहित्यिक लेखन विधा: कविता, लघुकथा, बाल कथा, कहानी 18 पुस्तकें प्रकाशित, 10 संपादित पुस्तकें 52+ शोध पत्र प्रकाशित 70+ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त फ़ोन: 9928544749 ईमेल: writerchandresh@gmail.com डाक का पता: 3 प 46, प्रभात नगर, सेक्टर-5, हिरण मगरी, उदयपुर (राजस्थान) – 313 002 यू आर एल: https://sites.google.com/view/chandresh-c/about ब्लॉग: http://laghukathaduniya.blogspot.in/