कविता

समाजोत्थान पर 5 कविताएँ

1.

रंगभेद

लड़कियाँ और लड़के
‘रंग’ देखकर ही प्यार करते हैं,
फिर भी हम
और संविधान जोर देकर कहते हैं-
भारत में रंगभेद नहीं है !

2.

प्यार अंधा नहीं होता

लड़के और लड़कियाँ
एक-दूसरे की
‘औकात’ देखकर ही
प्यार करते हैं,
फिर भी कहेंगे-
प्यार अंधा होता है !

3.

सांत्वना होते हैं पुनर्जन्म !

पूर्वजन्म और पुनर्जन्म
गरीबों को सिर्फ
सांत्वना देने के उपक्रम हैं
कि इस जन्म में रंक हो,
तो अगले जन्म में
राजा बनोगे
और खीर-पुलाव खाओगे !

4.

सब्जबाग

पूर्वजन्म या पुनर्जन्म
लोगों को सिर्फ
सांत्वना देने का साधन है
कि इस जन्म में
कुरूप हो तो
अगले जन्म में
सुंदर प्रिंस
या सुंदर प्रिंसेस बनोगे !

5.

मृत्युभोज पर सख्ती से रोक लगे !

मरने से पहले दादाजी ने
खुद की मृत्यु पर भोज की
मनाही किये थे
और मेरे परिवार ने
इस क्षेत्र में पहलीबार
दादाजी की मृत्यु पर भोज न कर
‘मृत्युभोज’ का विरोध किए थे।
यह कुप्रथा है !

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.