संस्मरण

श्रद्धेय योगी

मेरे दादा जी (श्रद्धेय योगेश्वर प्रसाद सत्संगी) की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि…. श्रद्धेय योगेश्वर प्रसाद सत्संगी (योगी) जन्मजात शाकाहारी, आदर्श कर्मयोगी और 1942 अगस्त क्रांति के अमर सेनानी थे।

ध्यान और योग के अध्येता सहित जीवनपर्यंत संतमत – सत्संग और बिहार, झारखंड, नेपाल के लोगों के अंतेवासी संत महर्षि मेंहीं के विचारों और शाकाहार के वरेण्य प्रचारक रहे । ये महान शख़्सियत मेरे दादाजी हैं, जो अब भौतिक काया में नहीं है, उनकी आज (18 जनवरी) पुण्यतिथि है और इस तिथि को कवि हरिवंशराय श्रीवास्तव ‘बच्चन’ जी की पुण्यतिथि भी है।

कवि बच्चन जी को दो बार पद्म अवार्ड से सम्मानित किया गया था, जबकि मेरे दादा जी भी ‘पद्म विभूषण’ के लिए नामांकित हुए थे। दोनों सदात्माओं को सादर नमन और श्रद्धेय श्रद्धांजलि….

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.