लघुकथा

अपना-पराया

जैसे ही मैंने डोरबैल बजाई भाभी दरवाजे पर थी। कोरोना से सावधानी रखते हुए सम्मान पूर्वक नमस्ते कर अन्दर ले गई । चाय पीते हुए मैंने कहा — भाभी अभी पहले हास्पिटल ही चलते हैं। पिता जी की तबीयत न जाने कैसी होगी। मन घबरा रहा है।
भाभी ने सहमति में सिर हिलाया।और गाड़ी की चाबी उठा ली । कहा तुम्हारे भैया तो रात से वहीं हैं और मम्मी जी को नाश्ता देकर मैं छोड़ आई थी । पिता जी के स्वास्थ्य में सुधार नहीं है, इसलिए तुम्हें बुला लिया। आगे का ट्रीटमेंट क्या होगा आज बताएंगे।
मैं गुमसुम बैठी किसी तरह अपनी भावनाओं को संयत कर रही थी। मुझे देख कर पापा के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आई, लेकिन कमजोरी का भाव स्पष्ट झलक रहा था। मैंने हौसला बढ़ाते हुए कहा — चिन्ता मत कीजिए, जब तक आप ठीक नहीं हो जाते मैं वापस नही जाऊंगी। कह कर भैया को साथ लेकर डाक्टर के परामर्श कक्ष में चली गई।
डाकटर ने बताया कि आप लोग जल्दी ब्लड का इन्तजाम कर लीजिऐ। बाईपास सर्जरी करनी होगी। डोनर से ही लेना होगा क्योंकि उनके ब्लड ग्रुप का खून हास्पिटल में नहीं है। उनके लिए दूसरा अटैक घातक सिद्ध हो सकता है। चिन्तित मुद्रा में हम बाहर आ गए । भैया ने बताया कि उनका और भाभी का ब्लड ग्रुप मेल नहीं करता। मम्मी को डायबिटीज़ है अतः अब तुम अपना टैस्ट करवा लो। मेरा और भैया का तो एक ही ब्लड ग्रुप था। कमरे में आकर मैने कहा — भैया आप रात से यहीं हैं , थक गए होंगे ।चिन्ता मत कीजिए। आप और भाभी घर जाइए। डाक्टर से कहिए कि कल आप्रेशन कर लें, ब्लड का प्रबन्ध हो जाएगा।
कैसे होगा मै और शुभ्रा अपने सभी परिचितों, मित्रों से पूछ चुके हैं।
मैं करती हूं कुछ, आप डाक्टर से कल के लिए कन्फर्म कर लीजिए और घर जाइए। कह कर मैं फोन लगाने में व्यस्त हो गई।
शाम को ठीक सात बजे सुधीर घर पहुंच गए आते ही बोले विकास भैया चिन्ता न करें। मेरा ब्लड ग्रुप पापा के ब्लड ग्रुप से मेल खाता है। आप्रेशन हो जाएगा। ब्लड मैं दूंगा।
सभी आश्चर्यचकित रह गए। भगवान की यह कैसी लीला है कि एक पराए कुल के व्यक्ति का खून मिल रहा है और अपने कुल का नहीं मिला। शायद इसीलिए
कहते हैं कि जोड़ियां भगवान ही तय करता है। हम तो केवल मात्र माध्यम हैं। ऐसे अवसरों पर ही अपने-पराए की पहचान होती है। दामाद को पराए कुल का समझते हैं । भगवान की सृष्टि रहस्यमयी है।
 — डाॅ मनोरमा शर्मा

डॉ. मनोरमा शर्मा

प्रोफैसर(सेवा निवृत्त) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला पता - फ्लैट 4, बलाक 5A, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, संजोली, शिमला -6, 171006. हिमाचल प्रदेश।