राजनीति

भाजपा की ऐतिहासिक विकास यात्रा

भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को अपना स्थापना दिवस मनाती है। राष्ट्रवादी दल के रूप में पूरे भारत में अपनी पहचान बना चुकी भाजपा का यह एक सर्वश्रेष्ठ दौर चल रहा है। श्रीराम मंदिर आंदोलन की शुरूआत से ही भाजपा के कदम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी का सफर 1984 में मात्र दो सीटों के साथ शुरू हुआ, जो अनवरत जारी है और जिसमें लगातार वृद्धि हो रही है। यदि आज भाजपा की लोकप्रियता में लगातार वृद्धि हो रही है तो उसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी व रथयात्राओं के महानायक श्री लालकृष्ण आडवाणी जी का योगदान अप्रतिम है और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मात्र दो सांसदों के साथ अपनी विकास यात्रा शुरू करने वाली भाजपा की आज 17 राज्यों में अपनी या अपने सहयोगियों के साथ सरकारें हैं। देश के 44 प्रतिशत भूभाग पर भाजपा की सरकार है, वहीं 49.5 प्रतिशत जनसंख्या पर भाजपा सरकारों के फैसलों का असर पड़ता है। भाजपा के विकास यात्रा के दौर में 1989 में 85 सीटों पर जीत मिली और वी.पी. सिंह के नेतृत्व में नेशनल फ्रंट की सरकार को समर्थन दिया था। राजनैतिक उथल-पुथल के बीच भाजपा ने समर्थन वापस लिया और उसके बाद 1991 में भाजपा को 120 सीटंों पर विजय हासिल हुई। 1996 में 165 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आयी और अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में सरकार तो बनी, लेकिन वह मात्र 13 दिनों में ही गिर गयी थी। 1998 में भाजपा को 182 सीटों पर जीत हासिल हुई थी और एनडीए की सरकार बनी लेकिन वह सरकार भी मात्र 13 माह में ही गिर गई थी। 1999 में एक बार फिर भाजपा को 182 सीटें मिली और राजग ने 303 सीटों पर जीत हासिल की अटल बिहारी बाजपेयी एक बार फिर देश के प्रधनमंत्री बने और सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया।
उसके बाद 2004 में भाजपा ‘उदय भारत’ के नारे के साथ मैदान में उतरी, जो पूरी तरह से विफल साबित हुआ और राजग को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा को मात्र 113 सीटों पर ही सफलता मिली थी। 2009 में भी भाजपा को एक बार फिर हार मिली और 116 सीटों के साथ भाजपा मुख्य विपक्षी दल रही।
एक समय था जब भाजपा को केवल शहरी पार्टी माना जाता था। एक समय वह भी था जब यह कहा जाता था कि भाजपा केवल व्यापारियों का दल है, लेकिन अब ये सभी मिथक पूरी तरह से टूट चुके हैं। भाजपा विरोधी सभी दल भाजपा को दलित विरोघी और पिछड़ा वर्ग विरोधी कहा करते थे, लेकिन अब भाजपा के खिलाफ बनाये गये सभी मिथक ध्वस्त हो चुके हैं। अब हर समाज के सभी वर्गो के लोग बीजेपी के साथ जुड ़रहे हैं। अब सबसे अधिक दलित, पिछड,़े अति पिछड़े समाज के लोग संासद और विधायक बन रहे हैं।
वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता चरम पर है व भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। अभी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान किसान आंदोंलन सहित कई छोेटी-मोटी आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा के खिलाफ धुँआधार प्रचार किया गया, लेकिन वह धराशायी हो चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी विकास के नये शिखर की ओर लगातार बढ़ रही है और देश की जनता के साथ जो वादे किये तथा विकास के लिए जो लक्ष्य निर्धारित कर रखे हैं उन सभी लक्ष्यों को अब गति, शक्ति, योजना के साथ पूरा कर रही है। भाजपा की यह यात्रा श्री रामजन्मभूमि आंदोलन के साथ शुरू हुई थी और अब जिसका प्रतिफल देखनेे को मिला है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब अयोध्या में भगवा श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। काशी विश्वनाथ धाम की सुंदरता को चार चांद लगे हैं तथा अब काशी में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।
इसी प्रकार जम्मू कश्मीर को लेकर भारतीय जनता पार्टी संकल्पवान थी अब वहां पर धारा 370 और अनुच्छेद 35ए की समाप्ति हो चुकी है और अब वहां पर हालात लगातार सुधर रहे हैं जिसके कारण आतंकवाद के शिकार हुए कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास करने के प्रयास भी तेज हो गये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल मेें आज देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ऐसा पहली बार हुआ है जब राज्यसभा मेें 32 वर्षो के बाद किसी दल की सदस्य संख्या 101 हो गयी है। एस समय था जब भाजपा को सरकार में रहते हुए भी अपने विधेयकों को पारित करवाने के लिए विपक्ष का मुंह ताकना पड़ता था अैर जिसका वह लाभ उठाता रहता था। वहीं अब भाजपा अपने ही बल पर किसी भी विधेयक को पारित कराने में समर्थ हो गयी है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी बनने जा रहे हैं।
31 मई 2022 के बाद भाजपा का वर्तमान कार्यकाल स्वतंत्रता के बाद गैर कांग्रेस सरकार के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल बन जायेगा जोकि भाजपा की विकास यात्रा में एक सुनहरा पल होगा। एक महान नेता के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद भाजपा का इतिहास कुछ अलग हो गया है। केंद्र में भले ही राजग का शासन हो लेकिन लेकिन संख्याबल के आधार पर भाजपा अकेले ही शासन करने में सक्षम हो गयी है, क्योंकि जहां 2014 में बीजेपी को 282 सीटें मिली थीं वहीं 2019 में यह संख्या 303 सीटों के साथ पुनः बढ़ गई। यह प्रधानमंत्री का करिश्माई नेतृत्व ही है, जिसके कारण कांग्रेस के सभी पुराने रिकार्ड ध्वस्त हो रहे हैं और बीेजेपी नये कीर्तिमान बना रही है। आज हर जगह भाजपा ही मुख्य मुकाबले में आ रही है। चाहे व नगर निकाय के चुनाव हों या फिर विधानसभा, लोकसभा के विरोधी दल भाजपा को हराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके मंसूबे सफल नहीं हो पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विपक्ष के लगातार धराशयी होने के कई कारण हैं। मोदी जी के नेतृत्व मे ऐसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाये गये जिनका लाभ आज सीधे जनता को मिल रहा है और एक प्रकार से एक नया लाभार्थी मतदाता खड़ा कर दिया है। महिलाओं को उज्ज्वला योजना का लाभ मिल रहा है, आवास योजना, शौचालय, हर घर नल सहित तमाम सैकड़़ों योजनाएं हैं, जिनका लाभ आज समाज के हर वर्ग को प्रत्यक्ष रूप से मिल रहा है। अब भाजपा किसी एक विशेष वर्ग व समुदाय की पार्टी नहीं रह गयी है।
भाजपा उदय के शुरूआती दिनों में जहां लालकृष्ण आडवाणी जी की रथयात्राओं से भाजपा का विकास हुआ, वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ सहित सबका प्रयास के नारे के दम पर भाजपा का निरंतर विकास होता जा रहा है और विपक्ष फिलहाल बेदम नजर आ रहा है।
अपनी विकास यात्रा के विभिन्न कालखंड में बीजेपी को कई बार संकटों का भी सामना करना पड़ा। जब भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में रामरथ यात्रा निकाली गयी उस समय बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश जारी किया था, जिसके बाद रथयात्रा रोकनी पड़ी थी और वी पी सिंह की सरकार गिर गयी थी। इसी प्रकार 6 दिसंबर को अयोध्या में बाबरी विध्वंस के बाद उप्र सहित चार राज्यों में केंद्र की सरकार ने भाजपा सरकारों को बर्खास्त कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की राजनीति में एक नया व्याकरण लिख रहे हैं। भाजपा व देश के विकास का एक नया अध्याय लिख रहे हैं। आज मोदी जी महिलाओें, किसानों, युवाओं, छात्रोेें, मजदूरों, शोषितों, वंचितों आदि वर्गो को संबोधित कर रहेे हैं और उसमें सभी जातियां और संपद्राय समाहित हैं। आज भाजपा के साथ यादव, जाटव, जाट, पसमांदा मुस्लिम और मुस्लिम महिलाएं भी भाजपा की ओर आकर्षित हो रही हैं। अभी तक मान्यता थी कि भाजपा केवल कमंडल थी लेकिन अब भाजपा में मंडल और कमंडल सब कुछ समाहित हो चुका है। अभी हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव विशेषकर उत्तराखंड में महिलाओं ने खुलकर बीजेपी को वोट दिया जिसके कारण ही भाजपा की सत्ता में वापसी संभव हो सकी है।
वर्तमान समय में भाजपा एक सुदृढ़, सशक्त, समृद्ध समर्थ व स्वावलम्बी भारत के निर्माण हेतु निरंतर सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को धरातल पर उतारने में दिन रात एक कर रही है। भाजपा ने दीनदयाल जी के एकात्म मानव दर्शन को अपनाया है। अंत्योदय, सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, विकास एवं सुरक्षा पर ध्यान देते हुए भाजपा प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज भाजपा देश में एक प्रमुख राष्ट्रवादी दल के रूप में उभर चुकी है। मोदंी जी के नेतृत्व में विश्व में भारत की गरिमा पुनः स्थापित हो रही है। आज भाजपा अपने सभी परंपरागत आदर्शों व विचारोेें के साथ लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
— मृत्युंजय दीक्षित