कविता

बच्चे

सबसे अच्छी बच्चों की उम्र होती है
उन्हें न चिंता न फिकर होती है
थोड़ी देर के लिए बुरा मान जाते हैं
फिर सब भूलकर गले लग जाते हैं
यही उम्र उनकी अलग होती है
कभी किसी बात पर रूठ जाए
तो थोड़ा समझाने पर मान जाते हैं
भगवान के रूप में माना जाता है
प्रेम से ही दोनों को पाया जाता है
एक पल में रोते और एक पल हँसते हैं
यही उम्र सबसे बेहतरीन होती है
बच्चों से घर में रौनक होती है
— पूनम गुप्ता

पूनम गुप्ता

मेरी तीन कविताये बुक में प्रकाशित हो चुकी है भोपाल मध्यप्रदेश