कविता

कविता – सूरज

सबने देखा है सूरज को
उदय  और अस्त होता है
हम जितना आलस करते है
जीवन का सुख भी खोते है
जल्दी उठना जल्दी सोना
ये जीवन  नियम बनाओ
दिन भर जो भी करना है
उसको क्रमबद्ध करते जायो
जिंदगी में खुशी रंग भरो
तुम्हें जो  जीवन मे चाहिए
उसके लिए निरंतर डटे रहो
कठिन बाधायो से मत डरो
उनसे लड़कर आगे बढ़ते जायो
नीर बहता है अपने दम पर
पत्थर को भी राह बनाकर
अपने अंदर लगन लगाकर
इतना अच्छा कार्य करें
उम्मीदों के खरा उतर कर
दुनियां में अपना नाम करे
मेहनत ही जीवन का उद्देश्य
यह बात हमेशा याद रखे
जो जीवन में कुछ न करोगे
कहीं पहचान बना नहीं पाओगे
जीवन में अच्छे कर्म करो
फल सदैव अच्छा मिलता
— पूनम गुप्ता

पूनम गुप्ता

मेरी तीन कविताये बुक में प्रकाशित हो चुकी है भोपाल मध्यप्रदेश