मुक्तक/दोहा

मुक्तक

नहीं शब्द कोई आया था, भारत के संविधान में,
जो धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बताये, भारत के संविधान में।
राम राज्य की परिकल्पना, प्रथम पृष्ठ पर चित्रांकित,
कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्ष मिलाया, भारत के संविधान में।
शब्द लिख कर सैक्यूलर, धर्मनिरपेक्ष बता दिया,
1976 में इन्द्रा जी ने, यह अनूठा काम किया।
बयालीसवां संशोधन, मुस्लिम तुष्टिकरण की चाह,
कांग्रेस ने भारत को, हिन्दू पहचान से विमुख किया।
कांग्रेस का इतिहास रहा क्या, जन जन को समझाना होगा,
मुस्लिम तुष्टिकरण का सच, जन जन को समझाना होगा।
सुप्रीम कोर्ट को धता बता, संविधान संशोधन कर डाले,
वक़्फ़ बोर्ड कब क्यों बनाया, जन जन को समझाना होगा।
बस मुस्लिम हित की ख़ातिर ही, काश्मीर हिन्दुओं से ख़ाली,
सीमावर्ती सभी राज्यों में, मुस्लिमों ने बस्ती डाली।
देश के संशाधनों पर पहला हक़, मुस्लिम का बतलाते,
सनातन पर प्रतिबंध अनेकों, हिन्दुओं पर विपदा डाली।
जाति धर्म क्षेत्र पंथ में, हिन्दू को तो बाँट दिया,
फ़िकरों में बँटे मुस्लिम को, बस मुस्लिम ही नाम दिया।
संविधान में समान नागरिक, सबको ही बतलाया,
अधिकार सभी के जुदा जुदा, यह अनुठा अभियान किया।
— अ कीर्तिवर्द्धन