कविता

मेरा भारत 

जहां गंगा की निर्मल धारा बहती है 

जहां जन-जन के हृदय में राष्ट्रभक्ति पलती है 

वह देश है मेरा भारत !

जहां गांव-गांव में प्रेम हवा चलती है 

जहां कृष्ण की बंसी मधुर बजती है 

वह देश है मेरा भारत !

जहां नारी देवी सम पूजी जाती है 

जहां ममता की मृदुल छांव पग-पग पर मिल जाती है 

वह देश है मेरा भारत !

जहां योग पला और आयुर्वेद ऋचाएं गाईं जाती हैं 

जहां रामायण- गीता घर-घर में पढ़ाई जाती है

वह देश है मेरा भारत !

जहां मानवता धन्य-धन्य हो जाती है 

जहां नफरत भी शीश नवाती है 

वह देश है मेरा भारत !

— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111