मुक्तक/दोहा

बहुजन जागरण चालीसा

01.
कहें गर्व-अधिकार से,नारी दलित यतीम।
नाम नहीं नारा नहीं , नारायण हैं भीम।।
02.
जन्म हुआ रे भीम का,खुशी महल-खपरैल।
शंखनाद है न्याय की, तिथि चौदह अप्रैल।।
03.
समता औ’ सम्मान ही, संविधान की थीम।
सृजित किए आंबेडकर,बोलो जय जय भीम।।
04.
शिक्षित बनो संघर्ष करो, रहो संगठित और।
चलो बुद्ध के राह पर, बनो राष्ट्र-सिरमौर।।
05.
थी मानवता के लिए , मनु की नीति अफीम।
खाक किए आंबेडकर, बोलो जय जय भीम।।
06.
जनमानस कल्याण ही, है जिसका अस्तित्व।
माने उसके ज्ञान का , लोहा सारा विश्व।।
07.
प्रतिज्ञा बाईस भली, करे जगत कल्याण।
हैं आंबेडकरवाद की, मूल मंत्र औ’ प्राण।।
08.
बाभन बनिया वैश्य क्या,क्या कुर्मी कुम्हार।
दुश्मन से लोहा लिये, पासी खटिक चमार।।
09.
मनु का ब्राह्मणवाद रे,जल-भुन हुआ अधीर।
व्यासपीठ पर बैठ ज्यों, बाँचा कथा अहीर।।
10.
गला काटकर जो यहाँ, वहाँ चढ़ाएँ फूल।
रे नरेन्द्र मत छोड़ तू, उनको भोंक त्रिशूल।।
11.
जाति-धर्म के नाम पर, छुआछूत का रोग।
नमक छिड़कते घाव पर,सदा मज़हबी लोग।।
12.
बाँट चलो हर दर्द को, साझा कर उम्मीद।
साथ मनाएँ बैठकर, मिलजुल होली-ईद।।
13.
क्या क्रिसमस क्या लोहड़ी,क्या होली क्या ईद।
जाति निगलती आ रही, समता की उम्मीद।।
14.
क्या रिश्ता क्या बन्धुता, जाति गले की फाँस।
घुट-घुट कर अब जी रही,मानवता हर साँस।।
15.
पूज रहे पाथर यहाँ, पाथर – दिल इंसान।
जीव-जगत पाथर समझ, पाथर को भगवान।।
16.
शिक्षा है वो शेरनी, शब्द-अक्षर वो दूध।
पिये जो जितना ज्यादा,लंबा टिके वजूद।।
17.
तिल-तिल मरता रोज़ है,भूखा नंगा जान।
जाति नहीं ये गोह है, चबा रही इंसान।।
18.
जिस दिन सच्चा आप भी, पढ़ लेंगे इतिहास।
हो जाएगा आप ही, खाक अंधविश्वास।।
19.
वे नरेन्द्र पशुतुल्य हैं, क्या ब्राह्मण क्या सूद।
अन्तस में जिनके नहीं, मानवता मौजूद।।
20.
खून माँस भी एक है, जाति योनि भी एक।
फिर नरेन्द्र हैं क्यों नहीं, सभी आदमी एक ?
21.
जिस मिट्टी के आप हैं, उसी मिट्टी के सूद।
ब्राह्मण देवता बोलिए, क्यों अछूत हैं सूद ?
22.
ऊँच-नीच की भावना, छूआछूत का मैल।
शिक्षा निष्प्रभावी बनी, जाति-धर्म जड़ बैल।।
23.
शत प्रतिशत अब साथियों, हुई बात ये सिद्ध।
धरती पर दूजा नहीं, मानव जैसा गिद्ध।।
24.
पीढ़ी-दर-पीढ़ी डसे, जातिवाद का सर्प।
मनु का विष उतरा नहीं,बन बैठा है तर्प।।
25.
क्या कबीर रसखान क्या,क्या रहीम रैदास।
परिवर्तन आया नहीं, देश जाति का दास।।
26.
क्या रहीम रैदास क्या,क्या कबीर क्या सूर।
कहें सभी अच्छा नहीं, जातिवाद नासूर।।
27.
क्या ललई पेरियार क्या,क्या कबीर चार्वाक।
दिए चुनौती तर्क से, कटी ब्रह्म की नाक।।
28.
दर्शन सच्चा बुद्ध का , पंचशील है रीढ़।
प्रज्ञा करुणा शील से,बनती जग में पीढ़।।
29.
कैसी श्रद्धा-भावना, कैसा व्रत-उपवास।
मानवता ही जब नहीं,पूजा नहीं परिहास।।
30.
जात-पाॅंत के जाल में, उलझा हर इंसान।
किंकर्तव्यविमूढ़ है, खो बैठा निज ज्ञान।।
31.
पीड़ा देख द्रवित हुए, छोड़ दिए सब पंथ।
बुद्ध बने करुणा-धरा, शांति-धर्म के ग्रंथ।।
32.
बोल उठी हर शोषिता, करे भीम पर नाज़।
संविधान से बल मिला, बदली काया आज।।
33.
दृष्टि दिये सबको यही, बनकर सन्त फ़कीर।
बुद्ध अगर होते नहीं, बुझती क्या जग-पीर?
34.
प्रज्ञा करुणा शील है, बुद्ध धम्म-आधार।
अत्त दीप ही बुद्ध हैं, अत्त दीप ही सार।।
35.
त्रिसरण में जो लगे, साधे मन का ध्यान।
बुद्ध वंदना से मिले, अत्त दीप का ज्ञान।।
36.
पारमिताएँ दस भली, अति आवश्यक तत्व।
ग्रहण करे जो भी स्वयं, प्राप्त करे बुद्धत्व।।
37.
प्रज्ञा करुणा शील क्या,सत्य तर्क क्या ज्ञान।
भीमाबाई ने जना , चौदहवीं संतान।।
38.
बुद्ध दिए जो मूल-मंत्र, सहज त्याग अनुराग।
दुख तृष्णा से मुक्ति की, है अष्टांगिक मार्ग।।
39.
दृष्टि वचन सम्यक रखो,सम्यक कर्म-विचार।
कहे तथागत बुद्ध यह , सुखी रहे परिवार।।
40.
सत्य-अहिंसा को बना, धम्म-शिक्षा हथियार।
अत्त दीप बनकर करो, सकल सृष्टि उजियार।।

— नरेन्द्र सोनकर ‘कुमार सोनकरन’

नरेन्द्र सोनकर

उपनाम--कुमार सोनकरन पिता का नाम--राजेन्द्र प्रसाद माता का नाम--मालती देवी अभिभावक का नाम--नरेश कुमार सोनकर स्थाई पता-- ग्राम नरैना, पोस्ट रोकड़ी, तहसील करछना, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। पिन कोड--212307 जन्मतिथि--27-03-2001 शिक्षा-- माॅं कमला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोकड़ी से 1 से 8वीं तक पं.लक्ष्मी नारायण इंटर कॉलेज निदौरी से मैट्रिक मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज करछना से इंटरमीडिएट इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रयागराज से स्नातक व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से बीएड प्रशिक्षणरत। आप टिप्पणी--आंबेडकरवादी विचारधारा से प्रभावित। दलित,स्त्री व प्रकृति विषयक मुद्दों पर बेबाक लेखन-प्रयत्न। रुचि--कविता पढ़ना-लिखना और पढ़ाना,खोज, तर्क-वितर्क विधा--कविता,कहानी,दोहा,हाइकु ग़ज़ल,माहिया,शायरी,नाटक,उपन्यास,आत्मकथा इत्यादि। सम्मान-- काव्य कुमुद,कल्प कथा व राष्ट्रीय अभिनव साहित्य मंच प्रयागराज द्वारा दशाधिक बार प्रशस्ति पत्र व सम्मान प्राप्त। रचना-प्रकाशन--अमर उजाला काव्य पटल पर 350 से अधिक,जयदीप पत्रिका में 20 से अधिक, मानस पत्रिका व आइडिया सिटी न्यूज़ बनारस से दशाधिक और हिन्दी बोल INDIA पर रचनाएं प्रकाशित। चलभाष--8303216841 Email:- naraina2001@gmail.com