“बहुजन जागरण चालीसा” समीक्षा
जागृति ज्योति है बहुजन जागरण चालीसा : गोलेन्द्र पटेल (युवा बौद्ध कवि) “चरथ भिक्खवे चारिकं बहुजन हिताय बहुजन सुखायलोकानुकंपाय अत्थाय
Read Moreजागृति ज्योति है बहुजन जागरण चालीसा : गोलेन्द्र पटेल (युवा बौद्ध कवि) “चरथ भिक्खवे चारिकं बहुजन हिताय बहुजन सुखायलोकानुकंपाय अत्थाय
Read Moreसंसद गूंगी सांसद गूंगान्यायालय गूंगा न्यायाधीश गूंगासत्ता गूंगी शासन गूंगादल-दल गूंगा गण-गण गूंगाबस्ती गूंगी घर-घर गूंगाजन-जन गूंगा कण-कण गूंगाधरम-करम का
Read More01.कहें गर्व-अधिकार से,नारी दलित यतीम।नाम नहीं नारा नहीं , नारायण हैं भीम।।02.जन्म हुआ रे भीम का,खुशी महल-खपरैल।शंखनाद है न्याय की,
Read Moreथे सैनिक के भेष में , आताताई नीच।धर्म पूछ हमला किए,पहलगाम के बीच।। आपरेशन सिंदूर त , था ट्रेलर अभ्यास।झुका
Read Moreआमतौर पर ऐसा ही होता आया रहा है कि ग़ज़लो-शे’रो-शायरी की दुनिया में प्रेम,मोहब्बत,विरह,वेदना वग़ैरह-वग़ैरह को ही हम विषय का
Read Moreगुरूर ख़ाक हो जाएगा मग़रूर ख़ाक हो जाएगा अपने पाप-कर्मों से ही असुर ख़ाक हो जाएगा खाया एक गच्चा जो
Read Moreमानवता का पाठ पढ़ाकर जीवन क्या है दिखलाया क,ख,ग,घ और ककहरा तूने मुझको सिखलाया आज बना बलबूते तेरे अध्यापक सरकारी
Read More01. वे नरेन्द्र पशुतुल्य हैं, क्या ब्राह्मण क्या सूद। अंतस में जिनके नहीं, मानवता मौजूद।। 02. खून मांस भी एक
Read Moreनदी-नाला-नार देखिए कूड़े का अंबार देखिए कूड़े में कीड़ो-सा बझा खंडहर परिवार देखिए भूखे-प्यासे पेट के मारे बच्चे को लाचार
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