पहले डर था अब हैं जश्न
खेल दुनिया में “कश्मीर” हुआ शुमार,
‘रात्रि मैच’ से उसे मिली नई पहचान।
एक तरफ बाढ़ एवं तबाही का मंजर,
ये दूसरी ओर हैं क्रिकेट महासमुन्दर।
आतंकवाद का “गढ़” मिटा ये हैं प्रश्न,
जहां पहले डर था वहां अब हैं जश्न।
पुलवामा “खेलों” की ओर हैं बढ़ रहा,
उम्मीद, शांति व विकास शिखर रहा।
ये युवा खेल के मैदान में बैट उठा रहा,
चौका-छक्का लगा कश्मीर बदल रहा।
‘रॉयल पुलवामा प्रीमियर लीग’ के वीर,
यह देश देख रहा राज्य की नई तस्वीर।
— संजय एम तराणेकर
