कविता

कुछ महफिलें ख़ास होती हैं

संगीत की धुनें,
हवा में घुल जाए जैसे,
रूह की आवाज़।

मधुर मुस्कानें,
नज़रों में बसी छाँव,
दिल के दीपक।

हँसी की खनक,
गूँजती गलियों में धीरे,
यादों का रंग।

कागज़ की बातें,
सफ़ेद पन्नों पर लिखी,
भावनाओं की छाया।

संगीत की ठंडी,
रात की चाँदनी बिखरे,
महफ़िल महके।

दोस्ती की गर्मी,
हाथों के हल्के स्पर्श में,
अमन की खुमारी।

सुनहरी रोशनी,
दीवारों में चमकती याद,
दिल की महफ़िल।

धीरे-धीरे बातें,
साँसों में घुलती जाती,
सुख की मिठास।

सन्नाटे में भी,
कहीं गूँजती है हँसी,
महफ़िलें जीवित।

संगीत, बातें, हँसी,
हर पल यहाँ अनमोल,
कुछ महफ़िलें ख़ास।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com