हाइकु/सेदोका

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पर्वत,
हरित मुकुट-सा नभ में,
भक्ति की छाया।

कृष्ण की मुस्कान,
धरती का आशीर्वाद,
मन में आलोक।

गायों की रुनझुन,
घंटों की मधुर तान,
साँसों में श्रद्धा।

अन्नकूट सजे,
सात्विकता का उत्सव,
प्रेम का प्रसाद।

दीपों की माला,
जलते अरमानों में,
कृष्ण का घरौंदा।

गोपाल की बांसुरी,
मन को हर ले जाए,
मधुर स्मृति-धुन।

व्रज की गलियों में,
सुगंधित तुलसी महके,
भोर का अर्पण।

बूँदों की झंकार,
गोवर्धन गिरिराज,
सजीव प्रतीक।

भक्त हृदय झुके,
करुणा के सागर में,
शांति की लहरें।

कृष्ण की कृपा से,
धरती हरितमयी हो,
अन्नपूर्णा दे।

भक्ति के आँगन में,
हर दिल दीप बने,
सच्चा उत्सव यह।

गोवर्धन पूजा,
प्रेम, प्रकृति, प्रभु का,
एक संगम है।

— डॉ. अशोक, पटना

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com