अनुशासन सफलता की कुंजी है
सुबह की किरण,
जागे मन का संकल्प,
सपनों को आकार।
पथ चाहे कठिन,
कदम दृढ़ और स्थिर हों,
मंज़िल मुस्काए।
संयम की डोरी,
बाँधती मन को सही,
जीवन सुसंगत।
हर दिन अभ्यास,
रचता सफलता का,
नव स्वर्ण अध्याय।
विचलित मत हो,
धैर्य ही सच्चा बल है,
विजय प्रतीक्षा।
स्वयं पर नियंत्रण,
मन की सबसे बड़ी जीत,
जीवन का दीप।
कर्म ही पूजा,
और अनुशासन मंत्र,
सिद्धि का पथ यह।
हर गिरावट में,
सीख छिपी होती है,
उठना ही जीवन।
सफलता कहती,
जिसने खुद को जीता,
उसने जग जीता।
अनुशासन का,
हर कण प्रेरणा बनता,
जीवन आलोकित।
संकल्प में शक्ति,
और कर्म में श्रद्धा,
यही कुंजी है।
अनुशासन जीवन,
सफलता की सीढ़ी है,
उत्तम पथ यही।
— डॉ. अशोक
