हाइकु/सेदोका

अनुशासन सफलता की कुंजी है

सुबह की किरण,
जागे मन का संकल्प,
सपनों को आकार।

पथ चाहे कठिन,
कदम दृढ़ और स्थिर हों,
मंज़िल मुस्काए।

संयम की डोरी,
बाँधती मन को सही,
जीवन सुसंगत।

हर दिन अभ्यास,
रचता सफलता का,
नव स्वर्ण अध्याय।

विचलित मत हो,
धैर्य ही सच्चा बल है,
विजय प्रतीक्षा।

स्वयं पर नियंत्रण,
मन की सबसे बड़ी जीत,
जीवन का दीप।

कर्म ही पूजा,
और अनुशासन मंत्र,
सिद्धि का पथ यह।

हर गिरावट में,
सीख छिपी होती है,
उठना ही जीवन।

सफलता कहती,
जिसने खुद को जीता,
उसने जग जीता।

अनुशासन का,
हर कण प्रेरणा बनता,
जीवन आलोकित।

संकल्प में शक्ति,
और कर्म में श्रद्धा,
यही कुंजी है।

अनुशासन जीवन,
सफलता की सीढ़ी है,
उत्तम पथ यही।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com