कविता

अनमोल धरोहर

हमारी अनमोल धरोहर है हमारी संस्कृति।

हमारे आचार, विचार, व्यवहार, सन्मति।।

हमारी अनमोल धरोहर है कुटुंब प्रणाली।

प्रेम, स्नेह बंधन, सेवा, संयम, समर्पण अंजलि।।

शिक्षा, ज्ञान, ध्यान, धर्म-कर्म आराधन,

हमारी धरोहर हैं बडों का आदर सम्मान।।

छोटों को सहेजते प्यार-दुलार के छत्र में,

हमारी धरोहर संस्कारी पीढी, पलती प्रेम छाँव में।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८