बाल कविता

हम बच्चे

भारत माता के हम बच्चे
सच्चाई के पथ पर चलने वाले
बाधाओं से नहीं घबराने वाली ।

माता- पिता के प्यारे-प्यारे
जग में उनका यश बढ़ाते हैं
हर कार्य समय पर करते हैं ।

भारत माता के हम बच्चे
ज्ञान -विज्ञान में इतिहास रचते हैं
ऊंच -नीच, जाति- धर्म में नहीं पड़ते हैं
हम नित-नित आगे बढ़ते हैं।

बापू, सुभाष, भगत का यश गाते हैं
भारत माता के चरणों में शीश झुकाते हैं
सदा राष्ट्रधर्म ही अपनाते हैं ।

त्याग- बलिदान हमारे खून में है
तिरंगे की शान में सर्वस्व लुटाते हैं
जय किसान, जय जवान के गुण गाते हैं ।

— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111