नेटवर्क नरभक्षी
डॉक्टर नाम सुनते ही हमें दिखाई देता है ईश्वर,
इलाज होते ही लम्बे समय तक हो जाते नश्वर।
इन्हें दुआओं की जरूरत बताता रहता डॉक्टर,
कभी ना बंद होने देता वह ज़िन्दगी का चैप्टर।
शाहीन-ये ऊंचाई पर उड़नेवाला शिकारी पक्षी,
मुल्कों में आतंकी डॉक्टरों के नेटवर्क नरभक्षी।
न जाने महिला होते हुए आ गई कितनी शक्ति,
स्थापित नेटवर्क दुरूपयोग किया डूबी कश्ती।
जिंदगी देने वालों के फेहरिस्त में ऊपर डॉक्टर,
अब जिसके शब्दों में होता है जबरदस्त असर।
चंद सिक्कों की खातीर क्यों? किया पेशा बेनूर,
न पसीजा दिल तुम्हारा मर गए कितने बेकसूर।
(संदर्भ -डॉ.शाहीन ने बनाया था आतंकी डॉक्टरों का नेटवर्क)
— संजय एम तराणेकर
