मार्गदर्शक प्रयास
धुंधली राह में
एक दीप जल उठता
मन को राह दे।
थमी हवाओं में
उम्मीद की सरगर्मी
फिर से लौट आए।
सूखे पत्तों में
जीवन की धड़कन छिपी
चलना ही सत्य।
खोए पलों में
स्मृतियों का प्रकाश
फिर नई दिशा।
सपनों का बादल
थमता नहीं है कभी
बढ़ते ही जाना।
कठिन डगर में
छोटे साहस के बीज
पर्वत रचते।
मौन अंधेरों में
दीपक की मुस्कानें
मन को जगातीं।
समय की धूल में
पगचिह्न चमक उठें
प्रयास अमर हो।
— डॉ. अशोक
