कुछ संवेदना
सर्द हवाओं में,
दिल की हल्की धड़कन,
सहानुभूति।
बरसात की बूँदें,
मिट्टी की खुशबू से,
जगती यादें।
अकेलेपन में,
किसी की मुस्कान की,
मुलायम छाया।
सूरज की किरणें,
तनहाई को ढकती हैं,
स्नेह की किरण।
पत्तों की सरसराहट,
सुनाती हैं कहानियाँ,
अनकही भावनाएँ।
नदी की लहरें,
धीरे-धीरे बहाती हैं,
मन की पीड़ा।
चाँदनी रात में,
हमारे खामोश सपने,
मुलायम संवेदना।
संगीत की धुन में,
हर दिल को छू लेती,
अनुभूति की राह।
— डॉ. अशोक
