कविता

नव वर्ष स्वागत है तेरा

ऐ हर वर्ष आने वाले नव वर्ष स्वागत है तेरा
प्यार से भरा गुलदस्ता स्वीकार करो मेरा

हो उमंगों से भरा सब के हित का नया सवेरा
मंगलमयी जीवन और ख़्वाहिशों का हो बसेरा

जो छूट गया अगर, कोई ख्वाब टूट गया अगर
हो उदास न हिम्मत हार हौसलों से मिलती डगर

आजा लेकर संदेश, सब पाएं अवसर देश विदेश
नए युग का हो आव्हान शांति,प्रेम का हो समावेश

सब तरक्की की राह पकड़ें, न गलतियां जकड़े
अंबर ,धरा करें स्वागत ऐसे वर्ष की आस कर लें।

— कामनी गुप्ता

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |