सर्दियों का मौसम और ये जोड़ों का दर्द
सर्दियों का मौसम आते ही ठंडी हवाओं के साथ जोड़ों में दर्द की शिकायत आम हो जाती है। चाहे बुजुर्ग हों या नौजवान, ठंडक शरीर की गर्मी चुरा लेती है, जिससे जोड़ों में जकड़न, सूजन और दर्द बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह ‘वात दोष’ के बढ़ने का संकेत है। लेकिन चिंता न करें, विटामिन युक्त आहार, हरी सब्ज़ियां, तेल मालिश और कुछ घरेलू नुस्खे इस समस्या से राहत दिला सकते हैं। आइए जानें इनके बारे में।सबसे पहले विटामिन डी और सी पर ध्यान दें। सूरज की रोशनी कम होने से विटामिन डी की कमी हो जाती है, जो हड्डियों को कमज़ोर बनाती है। सुबह 15-20 मिनट धूप लें या अंडे की जर्दी, दूध और मशरूम जैसे खाद्य पदार्थ ग्रहण करें। विटामिन सी के लिए संतरा, नींबू और आंवला रोजाना लें,ये सूजन कम करते हैं और जोड़ों को मज़बूत बनाते हैं।घर पर पौष्टिक आहार बनाना आसान है। हल्दी वाला दूध (हल्दी-अदरक मिलाकर उबालें) रात को पिएं, बादाम भिगोकर खाएं, जो कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। तिल के बीज या तिल का लड्डू सर्दी में जोड़ों को गर्माहट देता है।हरी सब्ज़ियां को कभी न भूलें। पालक, मेथी और सरसों का उपयोग जो विटामिन के और एंटीऑक्सीडेंट्स से समृद्ध होते हैं। इन्हें हल्का तला या सूप बनाकर खाएं। ये जोड़ों की चिकनाई बनाए रखते हैं और वात को संतुलित करते हैं। रोज़ाना एक कटोरी हरी सब्जी आपकी थाली में होनी चाहिए।तेल मालिश पुराना लेकिन असरदार नुस्खा है। तिल का तेल या सरसों का तेल हल्का गुनगुना करके हाथ-पैरों और जोड़ों पर 10-15 मिनट मालिश करें। इससे रक्त संचार बढ़ता है और ठंडक दूर होती है। नहाने से पहले करें तो बेहतर। योगासन जैसे ताड़ासन या भुजंगासन भी जोड़ों को लचीला बनाते हैं।ये उपाय अपनाकर सर्दी के दर्द से मुक्ति पाएं। लेकिन अगर दर्द गंभीर हो तो डॉक्टर से सलाह लें। स्वस्थ रहें, सक्रिय रहें!
— डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह
