कविता

स्वामी विवेकानन्द जी महाराज

भारत की पावन धरती पर जन्मे ऐसे महान सरताज
हमारे पूज्य महापुरुष स्वामी विवेकानन्द जी महाराज,

स्वाभिमान से सर उठा कर जीना सिखाया,
मीत बना सारी दुनिया को अपना बनाया,

विवेक जन मानस के मस्तिष्क में जगाया,
वेदों में निहित गूढ़ ज्ञान का रहस्य समझाया,
कायरता को सदा धर्म कर्म का दुश्मन बताया,

नहीं छोड़ा कभीआध्यात्मिकता का जीवन,
न्याय पूर्ण तर्क से सदा किया निति विश्लेषण,
दया और परोपकार का मार्ग दर्शाया,

उनका दिया ज्ञान बना जीवन का सहारा,
उन्हें पाकर जीवन धन्य हो गया हमारा

— जय प्रकाश भाटिया

(कविता की हर पंक्ति का पहला अक्षर ऊपर से नीचे को पढ़े )

जय प्रकाश भाटिया

जय प्रकाश भाटिया जन्म दिन --१४/२/१९४९, टेक्सटाइल इंजीनियर , प्राइवेट कम्पनी में जनरल मेनेजर मो. 9855022670, 9855047845