‘बजट’ अच्छा या बुरा
देश में पेश हो चुका है आम केंद्रीय बजट,
हर बार ‘राजनीतिक प्रतिक्रिया’ हैं विकट।
कोई भी दल हटकर क्यों? नहीं बोल पाते,
सत्तापक्ष और विपक्ष भिन्न दिशा में जाते।
सत्तापक्ष बजट को उपलब्धियों से गिनाते,
विपक्ष ‘जनविरोधी और दिशाहीन’ बताते।
सवाल यह है कि ‘बजट’ अच्छा है या बुरा,
जनता चुनाव में तय करेगी सुरा व बेसुरा।
विपक्ष सरकार की खामियाँ ‘उजागर’ करें,
सरकार से सवाल पूछने के हक़ अदा करें।
‘आलोचना’ भी तभी होगी अधिक प्रभावी,
किसी कदम की खुले मन से सराहना करें।
— संजय एम तराणेकर
