गीत/नवगीत

प्यासी धरती तपस्विनी सी ताक रही है अंबर को

प्यासी धरती तपस्विनी सी ताक रही है अम्बर को।
थोड़ा जल बरसा दे रे मेघा, रोक दे ऐसे मंजर को।

जगह-जगह से मेरा आंचल दरक गया है।
बिन पानी के जगह-जगह से तड़क गया है।
आज मेरे बेटों की धनलिप्सा के कारण,
मेरी सुंदर काया का यह क्षरण हुआ है।

कहने को मानव ने बहुत विकास किया है।
किंतु विकास के नाम पे बहुत विनाश किया है।
जंगल काट डाले, तालाब पाट डाले हैं,
कंक्रीटो के महल वहाँ बनवा डाले हैं।

वृक्षों के कटने से ही यह हाल हुआ है।
छाँव बची ही नहीं, जीना बेहाल हुआ है।
वृक्षों से ही जीव प्राण वायु पाता है
उनके कंदमूल फल से भोजन पाता है।

तप्त धूप का ये पादप अवशोषण करते।
मेघों का भी यही पेड़ आवाहन करते।
पेड़ बचे ही नहीं, मेघ भी नहीं बरसते।
सूख रहा है हलक, सभी पानी को तरसते।

कहने को धरती पर सत्तर प्रतिशत जल है।
किंतु नहीं पीने को एक बूँद भी जल है।
यदि ऐसा ही रहा तो कुछ भी नहीं बचेगा
तेरा संचित धन भी फिर बेकार रहेगा।

अभी समय है जाग जा प्राणी, वृक्ष लगा तू।
तालाब कुएँ खुदवा, वर्षा जल संचय कर तू।
हरित क्रांति ला, जगह-जगह पर पेड़ लगा तू।
कैंप लगाकर लोगों को प्रोत्साहित कर तू।

धरती करे पुकार, सुन लो उसकी गुहार।
मत कर इतना दोहन,जीना होगा दुश्वार।

— राधा गोयल

राधा गोयल

जन्मतिथि:-03/08/1948 शिक्षा:-स्नातक,बी.एड,कटिंग टेलरिंग सर्टिफिकेट कोर्स, योग डिप्लोमा,रंग चिकित्सा, मुद्रा विज्ञान, शिवाम्बु चिकित्सा व एक्यूप्रेशर का अल्पकालिक कोर्स रुचियाँ:-पाक कला, पठन-पाठन, लेखन, व्यर्थ समझी जाने वाली वस्तुओं का उचित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक व अन्य को जागरूक करने में प्रयासरत प्रकाशित पुस्तकें :- *11 एकल पद्य संग्रह* काव्य मंजरी/ निनाद/ जीवन एक खिलौना/ नयी उम्मीद नया आसमान / अजब अनोखे खेल / एक ख्वाब अधूरा सा/ आपातकाल में सृजन फुलवारी/ अन्तर्नाद/ ऊँची नीची है डगरिया/ *प्यासी धरती तपस्विनी सी*/*भीगे सपने* *16एकल गद्य संग्रह* पाती प्रीत भरी (भाग -1)/ पाती प्रीत भरी (भाग-2)/हादसा/नया मोड़/क्या- क्या न सहे हमने सितम/तेरे नाम/यादों के झरोखे से (भाग-1)/ गली जाजमपुरिया (उपन्यास)/सृजन समीक्षा/बकरा मिल गया/अकस्मात/ यात्रा वृत्तांत/ देश- परदेश भाग- 1/यात्रा वृत्तांत देश परदेश भाग-2 सामाजिक मुद्दे श्रृंखला-1 सामाजिक मुद्दे श्रृंखला-2 *कब जागोगे* *मन के जीते जीत है* 1976 से 1978 के दौरान नियमित रूप से एक मासिक पत्रिका में रचनाओं का प्रकाशन 15 *अन्तरराष्ट्रीय स्तर के साझा संकलन* -50 से अधिक साझा संग्रह -प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित/गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड /लन्दन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड,अनेक वेब पोर्टल:- स्टोरी मिरर, प्रतिलिपि, हिन्दी प्रतिलिपि, युवा प्रवर्तक, हिन्दी भाषा डाॅट काॅम, नवकिरण द्वै मासिक पत्रिका, आदित्य संस्कृति व अन्य ई- पत्रिकाओं में रचनाओं का नियमित प्रकाशन विशेष:-मेरी एक गद्य पुस्तक *नया मोड़* को पुरस्कृत श्रेणी की पुस्तकों में चयनित किया गया। आदित्य संस्कृति द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 368 लेखकों ने अपनी प्रविष्टियां दी थीं, जिनमें 22 लेखकों की पुस्तकें चयनित हुईं। -एक अन्य पुस्तक *तेरे नाम* को भी पुरस्कृत किया गया। इसमें 168 लेखकों ने अपनी प्रविष्टियाँ प्रस्तुत की थीं। सम्मान:- शताधिक मिले, कभी गिने ही नहीं। चलितभाष :- 9811599770 अणुमेल radhagoyal222@gmail.com एफ-420, विकास पुरी, नई दिल्ली-110018