लघुकथा

लघुकथा – गृह प्रवेश

“पापा इस बार मैं घर नहीं आ पाऊँगा गर्मी की छुट्टीयों में,क्योंकि अपने लिए एक फ्लैट लेने की सोच रहा हूँ ।”
“बेटा आज कल फ्लैट लेने समय बिल्डर का और कॉरपोरेशन का कैसे क्या डील फाइनल हुआ है, सभी दस्तावेजों पर बहुत ध्यान से पढ़ना पड़ेगा ।”
“वो क्यों भला !” “बेटा जल का स्तर दिनोदिन गिरता जा रहा है,ऐसे में अब सरकार उसी बिल्डर को सुविधाएं देती है जो वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाता है ।”
“उससे क्या होता है ?”
“यह सब तो तुम्हें समझना चाहिए ।
प्रतिदिन हजारों लिटर पानी फ्लस में हम बहा देते हैं,उसे रिसाइक्लिंग कर पुनः फ्लस और पेड़ पौधों को सींचने का काम किया जाता है ।”
“ओह! ये सब तो मैं ध्यान ही नहीं देता, पापा सच में समाचार पढ़ने और अनुसरण करने के बाद ही हम जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभा पायेंगे।
“हाँ ; बेटा और क्या, मुझे ही देखो मैं सोख्ता टैंक दस फीट गहरा और उतना ही लंबा चौड़ा अपने मकान के लिये बनवाया हूँ । भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी हर पीढी अगर उठायेगी तभी, आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित कल दे पायेंगे ।”
“अच्छा पापा अब हम फोन रखते हैं, आपकी कही हुई बातों पर पूरी तरह ध्यान दूँगा, तभी गृहप्रवेश करूँगा ।”

— आरती रॉय

*आरती राय

शैक्षणिक योग्यता--गृहणी जन्मतिथि - 11दिसंबर लेखन की विधाएँ - लघुकथा, कहानियाँ ,कवितायें प्रकाशित पुस्तकें - लघुत्तम महत्तम...लघुकथा संकलन . प्रकाशित दर्पण कथा संग्रह पुरस्कार/सम्मान - आकाशवाणी दरभंगा से कहानी का प्रसारण डाक का सम्पूर्ण पता - आरती राय कृष्णा पूरी .बरहेता रोड . लहेरियासराय जेल के पास जिला ...दरभंगा बिहार . Mo-9430350863 . ईमेल - arti.roy1112@gmail.com