कुण्डली/छंद

धुरंधर-2

एक धुरंधर देखकर, पगलाया था पाक
दुसरी भी आ गई तो पाक हुआ नापाक
पाक हुआ नापाक, समझ में कुछ ना आए
सिसक उठी है सपा,हाथ भी अब मिमियाए
कह सुरेश टोंटीचोरवा नाचे ज्यों बंदर
यूपी से लाहौर, मचाए गदर धुरंधर

— सुरेश मिश्र

सुरेश मिश्र

हास्य कवि मो. 09869141831, 09619872154