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अंतस् की 81वीं काव्य-गोष्ठी

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की पूण्य तिथि पर आयोजित हुई। दिनकर कविता को छायावादी कुहेलिका से प्रसन्न आलोक में लाने वाले उच्च कोटि के कवि हैं, उनके बहुआयामी काव्य को समर्पित यह काव्य-प्रस्तुति भी श्रेष्ठ रही।
81वां पड़ाव स्वयं में भी विशेष है।
काव्य की विभिन्न विधाओं- दोहे, गीत, ग़ज़ल, विशुद्ध कविता, छंद इत्यादि से संपन्न गोष्ठी की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवयित्री वंदना कुंअर रायजादा ने की। सक्षम दोहाकार मनोज कामदेव मुख्य अतिथि की भूमिका में रहे। संस्था की अध्यक्ष डॉ पूनम माटिया के संयोजन-संचालन में लगभग सवा घंटे सही इस काव्य-बयार का आरंभ पूजा श्रीवास्तव द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ।
डॉ नीलम वर्मा, अनिल कपूर, पारुल भारद्वाज, डॉ मीना शर्मा सहित दस कवियों का काव्य पाठ हुआ।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंशु जैन ने दिनकर की ओजपूर्ण कविता पढ़ी।
दिनकर-अध्येता डॉ दिनेश शर्मा, कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नवांकुर साहित्य संस्थान के अध्यक्ष अशोक कश्यप तथा अंतस् के संरक्षक नरेश माटिया की उपस्थिति ने गोष्ठी को और भी जीवंत बना दिया।

डॉ. पूनम माटिया

डॉ. पूनम माटिया दिलशाद गार्डन , दिल्ली https://www.facebook.com/poonam.matia poonam.matia@gmail.com

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