वन्दे मातरम् का सम्मान
वन्दे मातरम् की गूंज उठी, भारत माँ की शान,
राष्ट्रगान-सा दर्जा पाकर, हर दिल की पहचान।
माटी की खुशबू इसमें, नदियों का ‘मधुर’ गान,
वीरों के बलिदानों से, महकता इसका सम्मान।
जब-जब ये गाते जाए, ‘देशभक्ति’ उमड़ पड़ती,
भारतमाता के चरणों में, श्रद्धा खुद ही झुकती।
राष्ट्रगान संग इसका, ‘सम्मान’ और बढ़ जाएगा,
हर भारतीय के मन में, ‘देशप्रेम’ दीप जलाएगा।
वन्दे मातरम् शब्द नहीं, जन-2 की अभिलाषा,
ये भारत की गौरव गाथा, माँ भारती की भाषा।
‘150 वर्ष’ पूर्ण होने पर नए भारत को दें दिशा,
संस्कृति मंत्रालय से यह सम्मान की थी आशा।
(संदर्भ – वन्दे मातरम् गीत को राष्ट्रगान जैसा दर्जा)
— संजय एम तराणेकर
