बाल कविता
गर्मी छुट्टी हो गई है
नानी के घर जाएंगे
रेल गाड़ी से जाएंगे
खूब मस्ती करके आयेंगे
नानी के घर नाना नानी
बच्चों की गूंजे किलकारी
बच्चे भी खूब करते शोर
नानाजी डांट लगाए जोर
आमो के डाली पर चढ़कर
बागो में खूब मस्ती करते
नानाजी के राज दुलारे
नानी के है आंख के तारे।
— विजया लक्ष्मी
