नन्हा मोनू
नन्हा मोनू
पढ़ना चाहता है
और बच्चों की तरह
वह भी पतंग
उड़ाना चाहता है
आसमां में
वह तितलियों से
खेलना चाहता है
मोहल्ले के बच्चों संग
पर उसके पापा
नही लाते किताब
पीते हैं शराब
मोनू रोज
कूड़ा बीनता है
वह जाना चाहता है
कुड़ा बीनने नहीं
बच्चों के संग
स्कूल जाना चाहता है
किताबों को
दोस्त बनाना चाहता है
— जयचन्द प्रजापति ‘जय’
