कविता

बेटियों का वर्चस्व

जो राह कभी कठिन लगी थी,
आज वही “पहचान” बनी है।
आई टी आई के हर प्रांगण में,
बेटियों की नई उड़ान बनी है।

उन हाथों में अब हुनर सजा है,
आँखों में भी विश्वास जगा है।
वेल्डिंग या मशीनों की धड़कन,
हरेक क्षेत्र में परचम लहरा है।

बेटियाँ अब केवल सपना नहीं,
परिश्रम का ही साकार रूप है।
कन्या हर चुनौती को जीत रही,
यह साहस अनमोल स्वरूप है।

यहाँ रूढ़ियों की दीवारें हैं टूटीं,
बदली है सोच, बदल गए द्वार।
हर एक उपलब्धि यह कहती है—
“बेटियाँ हैं भारत का आधार।”

जब भी बेटी आत्मनिर्भर होगी,
प्रत्येक “घर” में उजियारा होगा।
श्रम, ज्ञान और आत्मविश्वास से,
भारत का भविष्य सुनहरा होगा।

आओ मिलकर सभी यह प्रण लें,
घर की हर बेटी को अवसर देंगे।
“शिक्षा, कौशल और सम्मान” से,
एक नवभारत का निर्माण करेंगे।
(संदर्भ – आई टी आई में बेटियों का बढ़ता वर्चस्व)

— संजय एम तराणेकर

संजय एम. तराणेकर

जन्म वर्ष 1968 कवि, स्वतंत्र लेखक व टिप्पणीकार। शिक्षा स्नातक एवं गायन में 1986 में विद् किया होकर केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद् द्वारा हिन्दी आषुलिपि प्रतियोगिता में वर्ष 1992 प्रषस्ति-पत्र प्राप्त। विशेष रूचि-बॉलीवुड फिल्में एवं संगीत, पुस्तक समीक्षा एवं राजनीति। मैं मूलतः मध्य प्रदेश के स्वच्छता में हैट्रिक लगा चुके एवं चार बार नंबर वन बनें स्मार्ट सिटी इन्दौर का निवासी हूँ। 1990 के दशक में लेखन में मन रमने लगा और ‘पत्र संपादक के नाम‘ से अपनी प्रारंभिक शुरूआत की। लेखकीय सुकून कितना संतोष देता है, इसकी बात ही कुछ और है। युवा होने पर फिल्मी कलाकारों की तरफ झुकाव ने फिल्मों पर आलेख लिखने की प्रेरणा दी। इसमें मेरी रूचि भी थी। विशेषकर पुराने फिल्मी कलाकारों के जीवन से सम्बंधित आलेखों पर अधिक ध्यान आकर्षित रहा। बावजूद इसके लघु कथा व कविता (बतौर युवा कवि आकाशवाणी इन्दौर में कविता पाठ के भी कई अवसर प्राप्त हुए है।) के अलावा सामयिक, सामाजिक एवं राजनैतिक विषयों पर समय-समय पर अपनी लेखनी को आयाम देने के प्रयास आज भी अनवरत हैं। अब तक विभिन्न समाचार-पत्रों में मुख्य रूप से बॉलीवुड/सिनेमा की साप्ताहिक मेगजीनों में आलेखों एवं पुस्तक समीक्षाओं का प्रकाशन हो चुका है। इनमें ‘लोकमत समाचार-आकर्षण व शो टाईम, राजस्थान पत्रिका-बॉलीवुड, पंजाब केसरी व दैनिक ट्रिब्यून के मनोरंजन, राज एक्सप्रेस-राज सिनेमा, द सी एक्सप्रेस-सी सिनेमा, हरि-भूमि के रंगारंग व रविवार भारती, चौथा संसार के बॉलीवुड, बीपीएन टाईम्स के शो बीपीएन व तरंग, लोकदशा के पर्दा-बेपर्दा व विविधा, नव-भारत एवं स्वतंत्र भारत के अलावा कई स्थानीय समाचार-पत्रों में भी आलेखों का प्रकाशन हो चुका है। वहीं ‘स्वतंत्र वार्ता एवं डेली हिन्दी मिलाप‘ में कई वर्षो तक नियमित रूप से लिखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 31, संजय नगर, इन्दौर-452011 मध्य प्रदेश, (वार्ता+वाट्स एप) 98260.25986 ईमेलः s.taranekar@rediffmail.com, Facebook – https://www.facebook.com/Taranekar9